Saturday, August 19, 2017
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सिंहस्थ में त्रिकाल ने खुदवाई खुद की कब्र

ujjain1उज्जेैन / उज्जैन सिंहस्थ अगर सफलतापूर्वक चल रहा है तो इसमें ढेर सारे विवाद भी जुड़ते जा रहे हैं।  कभी पुलिस और साधुओं के बीच हंगामे की खबर हो या दर्शनार्थियों के साथ दुर्व्यवहार  की बात, सिंहस्थ विवाद रहित  बने रहने की पुरजोर कोशिशें कर रहा है।  यह सच है कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान की है।  मगर साधू-सन्यासी कब किस बात पर बिदक जाएँ कौन जानता है।  अब देखिये न एक ईसा ही मामला आया जब महिला अखाड़े को पूर्ण मान्यता न मिलाने से खफा महिला साध्वी त्रिकाल भवांतरा ने अपनी ही कब्र खुदवा ली और उसमे बैठ साधना करने लगी।  उनके समर्थक भी कम नहीं थे , वे फूल और मिट्टी फेंकने लगे।  यह सब देखते ही प्रशासन हरकत में आया और साध्वी की इस तरह के विरोध को शांत किया।  अन्यथा उज्जैन सिंहस्थ में यह अनहोनी निश्चित थी कि साध्वी अपने महिला अखाड़े के लिए जान दे बैठी। 
आपको बता दें कि साध्वी त्रिकाल भवान्तरा और उनके महिला समर्थकों को शिप्रा नदी में स्नान करने से मना कर दिया गया था। बस इसीसे वो खफा हो गयी। ये वही साध्वी त्रिकाल भवान्तरा हैं जिन्होंने  पहला पूर्ण महिला अखाड़ा तैयार किया है। भारत में 13 मान्यता प्राप्त अखाड़े हैं, लेकिन सभी के सदस्य सिर्फ़ मर्द हैं। और ये सभी साध्वी भवान्तरा के अखाड़े पर सवाल खड़े करते हैं।

 

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