Wednesday, December 13, 2017
अभी अभी

Category Archives: साक्षात्कार

हंसना भी और हंसाना भी

हास्य का ‘सांवरा’ सुनील बहुत कम लोग होते हैं जो खुद भी हँसते रहते हैं और सबको हँसाते भी रहते हैं। खुद के हंसने के पीछे भले हजारों गम भी छुपे हों किन्तु सबको हंसाकर उनके गम दूर करने का हुनर भगवान हर किसी को नहीं देता। टीवी की दुनिया ने देश को अचानक कई कई हास्य कलाकार दे दिए ... Read More »

कमिश्नर हो तो ऐसा

जरूरी नहीं है कि आप सरकारी नौकरी में रहकर देश सेवा न कर सको , या भ्रष्टाचार से मुक्ति न दिलवा पाओ या ईमानदारी से काम न कर सको या फिर बेईमान ही हो जाओ . जरूरी नहीं कि आप अपनी नौकरी छोड़ कर राजनीति करो और कहो की सिस्टम सुधारना हो तो राजनीति में आना ही होगा . यह ... Read More »

मठाधीशों और ख़ेमेबाज़ी का समय अब समाप्त हो चुका है : शरद कोकास

एक समय था ब्लॉग्स का। ब्लॉग लेखन का। उस वक्त के कुछ बेहतरीन लोगों का साथ आज तक कायम है जबकि आज ब्लॉग लेखन कमतर हुआ है किन्तु बावजूद इसके जिन्हें लिखने-पढ़ने का शौक होता है वे बदलते दौर नहीं देखते और अपने कार्यों में जुटे रहते हैं। नतीजा सामने हैं कि उनमें से कुछेक आज अपनी रचनाओं के संग्रह ... Read More »