Wednesday, December 13, 2017
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Tag Archives: अमृता प्रीतम

‘तेरी आग की उम्र इन अक्षरो को लग जाये’

इक्क पत्थरां दा  नगर सी सूरज वंश दे पत्थर ते चंदर वंश दे पत्थर उस नगर विच्च रहन्दे सन ते कहन्दे हन- इक्क सी सिला ते इक्क सी पत्थर ते उहनां दा उस नगर विच्च संजोग लिखिया सी ते उहनां ने रल के इक्क वर्जत फल चखिया सी ओह खौरे चकमाक पत्थर सन जो पत्थरां दी सेज ते सुत्ते- तां ... Read More »

अमृता प्रीतम…

अमृता प्रीतम के जन्मदिन पर विशेष साहित्य की दुनिया में ऐसे कम ही लोग लिखने वाले हैं, जिनके लेखन के तो आप प्रशंसक है हीं, साथ-साथ आप उनके व्यक्तित्व के भी कायल होते हैं। सबसे पहले आप उनके लेखन से रुबरु होते हैं। उनके लेखन के विषयों, शब्दों, उनके पीछे भावनाओं के आप इतने बड़े फैन हो जाते हैं कि ... Read More »