Saturday, October 21, 2017
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Tag Archives: मजाज़

उर्दू शायरी के मिजाज का मजाज़

मजाज़ उर्दू शायरी का कीट्स है। मजाज़ शराबी है। मजाज़ बड़ा रसिक और चुटकलेबाज है। मजाज़ के नाम पर गर्ल्स कॉलेज अलीगढ़ में लाटरियां डाली जाती थी कि मजाज़ किसके हिस्से में पड़ता है। उसकी कविताएं तकियों के नीचे छुपाकर आंसुओं से सींची जाती थीं और कंवारियों अपने भावी बेटों का नाम उसके नाम पर रखने की कसमें खाती थी। ... Read More »

मजाक, मस्ती और मजाज़

बातें और यादें मजाज़ की -:-एक बार बेतकल्लुफ मित्रों की एक महफिल में एक ऐसे मित्र आए, जिनकी पत्नी का हाल ही में देहांत हो गया था। और वे बेहद उदास थे। सभी मित्र उन्हें धीरज धरने को कहने लगे। एक मित्र ने तजवीज रखी कि दूसरी शादी तो आप करेंगे ही जल्दी क्यों नहीं कर लेते ताकि यह गम ... Read More »

मजाज़ का ‘जोश’

तुम अब हमारे दरमियान नहीं रहे हो मजाज़! और न जाने इस बस्ती को तजकर कहां चले गए हो! अब तुम कहीं नजर नहीं आओगे, कभी तुम्हारी मोहनी सूरत दिखाई नहीं देगी। तुम्हारी नावक्त मौत एक ऐसा हादिसा है कि इसे अज़ीम-तरीन हादिसा भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए कि ये हादिसा अज़ीमतरीन हवादिस से भी कहीं ज्यादा रुह-फर्सा है। ... Read More »