Saturday, October 21, 2017
अभी अभी

लौट आओ मेस्सी …..

messiवहचूक इतनी बड़ी नहीं कि पूरा फ़ुटबाल विश्व उसे मैदान पर खेलते देखने  से चूक जाए। पेनल्टी शूट आउट में गोल न कर पाने का दुःख मेस्सी जैसे महानतम खिलाड़ी को होना लाजमी है किन्तु इस चूक और इस पराजय के बाद उसका फटबॉल से संन्यास ले लेना विश्व के लिए लाजमी नहीं। शायद यही वजह है कि आज पूरा फ़ुटबाल विश्व मेस्सी के रिटायर होने वाले निर्णय को पचा नहीं पा रहा।  अर्जेंटीना ने इस विश्व को मेराडोना के बाद मेस्सी दिया था जो फ़ुटबाल का जादूगर था।  यह ऐसा जादूगर था जो दृष्टि  भ्रम नहीं बल्कि दृष्टि को बाँध देता था अपने अद्भुत खेल कौशल से।  फ़ुटबाल उसके लिए वाद्य यन्त्र था और उसके पैर उस पर ऐसे थिरकते थे कि जो संगीत बाहर निकल कर गूंजता था , वो देखने वालों को मंत्र मुग्ध कर देता था। क्या आप उस क्षण पर यकीन करेंगे जब फ़ुटबाल का यह  संगीतकार अपने रिटायर हो जाने की घोषणा कर रहा हो?
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने भी गुहार लगाई है कि मेस्सी लौट आये।  अपने संन्यास की घोषणा को पलट दे और फिर से टीम का हिस्सा बने और फ़ुटबाल के इस जादू को बरकरार रखे।  मेस्सी सबकी आँखों का तारा है।  इस तारे को मैदान पर चमकते हुए सब देखना चाहते हैं।  यह खुद मेस्सी भी जानता है मगर हार का दुःख और वह भी ऐसी हार का जो उसके खुद के द्वारा टीम को मिली हो , आखिर कैसे किसी सिकंदर को पच  सकती है। उसके लिए समय चाहिए। किन्तु मेस्सी के प्रशंसक इसे कोइ गुनाह मानते ही नहीं कि इतनी बड़ी सजा सिकंदर खुद को दे।  वे तो इसे अपनी सजा मान रहे हैं जो मेस्सी ने उन्हें संन्यास लेकर दे दी है।
अभी महज २९ वर्ष है मेस्सी की उम्र।  इस लिहाज से मेस्सी में अभी फ़ुटबाल बहुत शेष है। मगर फिलवक्त मेस्सी अपने निर्णय पर स्थिर हैं और फ़ुटबाल अपने इस महान सपूत के अलविदा कहने से रो भी रहा है।  फ़ुटबाल मेस्सी की ही तरह ऐसे इतहास से भरा है जब उसके किसी बेहद ही प्यारे और जादूगर ने एन मौके पर शूट आउट बिगाड़ा हो और उसकी टीम हार गयी हो।  इटली के राबर्ट बेजियो  ने भी यह दर्द सहा था। और यह तो विश्वकप का फाइनल मुकाबला था। ब्राजील जैसी टीम को इटली हरा कर इतिहास रचाने वाला था मगर बेजियो की चूक ने इटली की टीम को विश्व्कप से दूर कर दिया था। ऐसे ही एक खिलाड़ी थे इंग्लैण्ड के क्रिस वडाले जो पश्चिम जर्मनी के खिलाफ पेनल्टी शूट आउट में चूक गए थे और इंग्लैण्ड विश्व्कप से बाहर हो गया था। ब्राजील के  जिको ,फ्रांस के डेविड ट्रगीए , घाना के अस्मोह तो इंग्लैण्ड के बैकहम जैसे खिलाड़ी चूके और इतिहास में एक हार के दोषी के रूप में दर्ज हो गए। मगर फ़ुटबाल के प्रेमियों की वजह से वे मैदान से हटे  नहीं।  आज मेस्सी से भी फ़ुटबाल के प्रेमी यही गुहार कर रहे हैं।  लौट आओ मेस्सी।

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2 comments

  1. एक छोटी सी गलती को स्‍वीकार करते हुए मैसी ने फुटबाल के मैदान से सन्‍यास ले लिए। इससे साबित होता है कि वह कितने महान खिलाड़ी है। हमारे देश के नेताओं को इससे सबक लेना चाहिए। घोटाले करके भी कुर्सी से चिपके रहते हैं। मैसी को याद करके थोड़ी शर्म तो उन्‍हें जरूर आनी चााहिए।

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