नई दिल्ली (खबरगली) अगले पांच से सात दिनों के भीतर तेल कीमतों पर सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। पश्चिम एशिया में बदलते हालातों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले इसके असर पर सरकार की पैनी नजर है. अभी भले ही अंतिम मुहर न लगी हो, लेकिन संकेत साफ हैं कि बहुत जल्द पेट्रोल, डीजल की कीमतों में तगड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल के दाम में 4 से 5 रुपए तक के उछाल की आशंकाबता दें कि पेट्रोल-डीजल के दाम में 4 से 5 रुपए तक के उछाल की आशंका है। सरकार इस समय 'दोराहे' पर खड़ी है। एक तरफ तेल कंपनियों का वित्तीय दबाव है तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई का डर. लेकिन जनता को अब फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है, क्योंकि अगर ये कीमतें बढ़ीं तो इसका असर सीधे आपकी थाली और आपके सफर पर पड़ेगा।
ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का व्यापक असर होता है। जब डीजल महंगा होता है तो ट्रकों का किराया बढ़ता है और जब किराया बढ़ता है तो फल-सब्जियों से लेकर हर जरूरत का सामान महंगा हो जाता है। मध्यम वर्ग के लिए यह लोहे के चने चबाने जैसा होने वाला है, क्योंकि घरेलू बजट पहले से ही खिंचा हुआ है।
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