रायपुर (खबरगली) स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शासकीय शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से वेतन भुगतान और सेवानिवृत्ति भुगतानों में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए विभाग की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब आत्मानंद विद्यालयों का आहरण-संवितरण अधिकार (डीडीओ राइट्स) संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को प्रदान किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से इस संबंध में प्रदेश के समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने जिलों के स्वामी आत्मानंद स्कूलों की पूरी जानकारी मांगी गई है।
पेंशन, ग्रेच्युटी का समय पर होगा निपटारा
संचालनालय की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान व्यवस्था में आत्मानंद विद्यालयों के शासकीय कर्मचारियों को दो मुख्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। पहला वेतन आहरण में विलंब जिसमें स्वतंत्र या स्पष्ट आहरण-संवितरण अधिकार न होने के कारण शिक्षकों को हर माह समय पर वेतन मिलने में परेशानी हो रही है। वहीं दूसरा सेवानिवृत्ति भुगतानों में अड़चन जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय दावों (स्वत्वों) का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा था। इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि आत्मानंद स्कूलों का वित्तीय नियंत्रण और आहरण अधिकार स्थानीय ब्लॉक स्तर पर बीईओ को सौंप दिया जाए।
3 दिन में मांगी गई 11 बिंदुओं की जानकारी
विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉकवार यह जानकारी देनी होगी कि संबंधित विकासखंड में कितने आत्मानंद स्कूल संचालित हैं, स्कूल संचालन की स्वीकृति का आदेश और तिथि क्या है, स्वीकृत पदों का सेटअप, कार्यरत कर्मचारियों की संख्या कितनी है, क्या स्कूल को आत्मानंद शाला बनने से पूर्व आहरण-संवितरण अधिकार प्राप्त था या नहीं। विभाग का मानना है कि इस डेटा के संकलन के बाद बीईओ स्तर पर डीडीओ अधिकार हस्तांतरित होने से कागजी प्रक्रिया में तेजी आएगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन व वित्तीय लाभ मिल सकेंगे।
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