नेपाल घूमने निकला LLB का छात्र लापता, प्रयागराज में मिला मोबाइल, 15 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग

LLB student who set out to visit Nepal goes missing; mobile phone found in Prayagraj; no trace found even after 15 days. Latest news hindi news hindi news khabargali

धमतरी (ख़बरगली) धमतरी जिले से नेपाल घूमने के लिए घर से निकला 26 वर्षीय एलएलबी छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। युवक की पहचान सेवत कुमार साहू के रूप में हुई है, जो कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम बिजनापुरी का रहने वाला है। परिजनों के मुताबिक, सेवत से आखिरी बार 20 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि कुछ दिन बाद सेवत का मोबाइल फोन प्रयागराज जिले में एक रेलवे फाटक के पास किसी दूसरे व्यक्ति को मिला। मोबाइल मिलने की जानकारी से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। युवक नेपाल पहुंचा या नहीं, वह प्रयागराज कैसे पहुंचा और उसका मोबाइल रेलवे फाटक के पास किन परिस्थितियों में मिला, इन सवालों का जवाब अब तक नहीं मिल पाया है। परिजनों ने कई दिनों तक अपने स्तर पर सेवत की तलाश करने के बाद 4 सितंबर को कुरूद थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को जांच में लेकर युवक की तलाश शुरू कर दी है।

नेपाल जाने की बात कहकर घर से निकला था सेवत

जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजनापुरी निवासी सेवत कुमार साहू 15 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे घर से निकला था। उसने परिजनों को बताया था कि वह नेपाल घूमने जा रहा है। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। यात्रा के दौरान सेवत लगातार अपने परिवार के संपर्क में था और फोन के जरिए अपनी लोकेशन व यात्रा से जुड़ी जानकारी भी देता रहा। परिजनों को उस समय किसी तरह की अनहोनी की आशंका नहीं थी। लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक उसका संपर्क टूट गया।

पिता से मांगे थे 700 रुपये

परिजनों के मुताबिक, 19 अगस्त को सेवत ने अपने पिता को फोन किया था। उसने यात्रा के दौरान पैसे की जरूरत होने की बात कही। बेटे की मांग पर उसके पिता ने फोन-पे के माध्यम से सेवत के खाते में 700 रुपये भेजे थे।

इसके अगले दिन यानी 20 अगस्त को भी सेवत की अपने परिवार से बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उसने बताया था कि वह बनारस से आगे सफर कर रहा है। इसके बाद उसी शाम अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य घटना मानते हुए सोचा कि शायद यात्रा के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई होगी या किसी इलाके में नेटवर्क की समस्या के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा होगा। लेकिन जब कई घंटे और फिर कई दिन बीत गए और सेवत की ओर से कोई फोन नहीं आया तो परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई।

 22 अगस्त को दूसरे व्यक्ति ने उठाया सेवत  फोन

परिजनों ने 22 अगस्त को सेवत के मोबाइल नंबर पर दोबारा फोन किया। इस बार फोन सेवत ने नहीं, बल्कि अमन गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने उठाया।

अमन ने परिजनों को बताया कि उसे यह मोबाइल फोन **प्रयागराज जिले के उग्रसेनपुर रेलवे स्टेशन फाटक के पास** मिला था। यह जानकारी परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी, क्योंकि सेवत ने नेपाल जाने की बात कही थी और उसका मोबाइल प्रयागराज में मिला था।

मोबाइल प्रयागराज में मिलने के बाद परिजन इस बात को लेकर परेशान हो गए कि आखिर सेवत वहां कैसे पहुंचा। क्या वह नेपाल गया था या रास्ते में ही कहीं रुक गया? यदि वह प्रयागराज पहुंचा था तो उसके साथ क्या हुआ? इन सवालों का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है।

रिश्तेदारों और परिचितों से भी की गई तलाश

मोबाइल मिलने की जानकारी के बाद परिवार ने अपने स्तर पर सेवत की तलाश तेज कर दी। परिजनों ने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कहीं से भी सेवत के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी।

कई दिनों तक तलाश के बावजूद जब युवक का कोई सुराग नहीं मिला तो आखिरकार उसके पिता 4 सितंबर को कुरूद थाने पहुंचे। और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने जांच शुरू की

पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामले को जांच में लिया है। अब पुलिस सेवत की यात्रा से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है। उसके मोबाइल की आखिरी गतिविधियों, फोन कॉल और प्रयागराज में मोबाइल मिलने की परिस्थितियों को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 20 अगस्त को परिजनों से बातचीत के बाद सेवत आखिर कहां गया। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि उसका मोबाइल प्रयागराज के उग्रसेनपुर रेलवे स्टेशन फाटक तक कैसे पहुंचा।

 

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