हैदराबाद (खबरगली) डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा मामला हैदराबाद से सामने आया है, जहां ठगों ने मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर एक 81 वर्षीय बुजुर्ग से 7.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जानें क्या है मामला?* पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को एक कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। कॉलर ने दावा किया कि बुजुर्ग के नाम से मुंबई से थाईलैंड भेजे गए एक पार्सल में MDMA ड्रग्स, पासपोर्ट और कई डेबिट-क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं। इसके बाद ठगों ने कहा कि यह मामला मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है।
पुलिस अधिकारी बनकर दी धमकी
कुछ समय बाद एक अन्य कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग को ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े बड़े रैकेट में शामिल होने का आरोप लगाया। डर और दबाव में आकर बुजुर्ग से कहा गया कि अगर वह जांच में निर्दोष साबित होते हैं तो उनकी पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। साथ ही, उन्हें किसी को भी इस मामले की जानकारी न देने की सख्त हिदायत दी गई।
दो महीनों के बीच 7.12 करोड़ की ठगी
ठगों की बातों में आकर बुजुर्ग ने अक्टूबर से दिसंबर के बीच करीब 7.12 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब अपराधियों ने 1.2 करोड़ रुपये और मांगे, तब पीड़ित को शक हुआ। इसके बाद 30 दिसंबर को उन्होंने तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, खासकर पुलिस या जांच एजेंसी के नाम पर की गई कॉल से सतर्क रहें और ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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