रायपुर(खबरगली) सोशल मीडिया पर नाबालिगों और महिलाओं के अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने वालों की निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में ऐसे कंटेंट वायरल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय की टीम कार्य कर रही है। विभिन्न सोशल मीडिया में अश्लील कंटेंट वायरल करने वालों की पहचान करती है। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के पुलिस मुख्यालय में जानकारी भेजकर एफआईआर कराई जाती है। रायपुर में भी 50 से ज्यादा एफआईआर हो चुकी है। इसमें वायरल करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाता है।
तेलीबांधा पुलिस ने की एफआईआर
31 मार्च को एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल से फेसबुक पर नाबालिगों और महिलाओं का अश्लील वीडियो पोस्ट किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने पोस्ट करने वाले मोबाइल नंबर के धारक की पूरी जानकारी निकाली। इसके बाद पुलिस मुख्यालय को जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तेलीबांधा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 ए और 67 बी के तहत केस दर्ज किया है।
इनकी हो रही निगरानी
केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अश्लील वीडियो, फोटो, मीम या कंटेंट वायरल करने वालों की लगातार निगरानी कर रही है। खासकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप में सबसे ज्यादा ऐसी सामग्री वायरल की जाती है। इसलिए इन पर होने वाले अश्लील पोस्टों पर नजर रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों फेसबुक और इंस्टाग्राम का ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिसके नाम पर नंबर उसी पर एफआईआर
जिस मोबाइल नंबर से सोशल मीडिया में अश्लील सामग्री पोस्ट की जाती है, पुलिस उसी मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करती है। इस कारण कई ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं कि दूसरे के मोबाइल नंबरों से भी अश्लील पोस्ट किए जा रहे हैं।
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