दुर्ग (खबरगली) प्रदेश का पहला आईटी पार्क दुर्ग में रविवार को शुरू हो गया। तकनीकी निवेश, स्टार्टअप संस्कृति और रोजगार को अभूतपूर्व गति देने के लिए सिविल लाइंस में एक अत्याधुनिक और हाईटेक आईटी पार्क स्थापित किया गया है। लगभग 3900 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्रफल में फैले इस सर्वसुविधायुक्त परिसर में वर्तमान में 40 प्रतिष्ठित आईटी कंपनियों ने अपना कामकाज शुरू भी कर दिया है, जबकि भविष्य में 100 से अधिक कंपनियों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ल्ड-क्लास वर्क कल्चर देने के लिए तैयार किए गए इस आईटी पार्क का निर्मित क्षेत्र 2907.26 वर्ग मीटर है। इसमें कंपनियों के लिए 40 बड़े ऑफिस रूम, 5 विशाल कॉन्फ्रेंस व वर्क हॉल, कर्मचारियों के लिए इन-हाउस मेस और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को मजबूत बाउंड्रीवॉल से घेरा गया है, ताकि एक सुरक्षित कॉर्पोरेट वातावरण मिल सके। जिले को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान देने वाली इस बड़ी सौगात का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को किया। जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने इस अत्याधुनिक आईटी पार्क का फीता काटकर इसे प्रदेश की जनता और युवाओं को समर्पित किया।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आईआईटी भिलाई और राज्य शासन के संयुक्त सहयोग से तैयार हुआ यह आईटी पार्क प्रदेश के युवाओं के लिए सुनहरे अवसरों के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि पिछले वर्ष हमारे द्वारा की गई घोषणा को आज पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतारा गया है। वर्तमान में 40 कंपनियां यहां आ चुकी हैं और 100 से अधिक कंपनियों ने अपनी सहमति दे दी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, खादी बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय और दुर्ग की महापौर अलका बाघमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल और आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस तकनीकी क्रांति के साक्षी बने।
दुर्ग-भिलाई बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल हब: गजेंद्र यादव
कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने इस परियोजना की सराहना करते हुए इसे दुर्ग की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस आईटी पार्क के शुरू होने से दुर्ग-भिलाई ट्विन सिटी का पूरा क्षेत्र छत्तीसगढ़ में तकनीकी नवाचार (इनोवेशन) और डिजिटल प्रगति के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। अब स्थानीय स्तर पर ही छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और नए स्टार्टअप शुरू करने का बेहतरीन माहौल मिलेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस परिसर का और अधिक विस्तार किया जाएगा ताकि 100 से अधिक नए स्टार्टअप्स को यहाँ जगह दी जा सके।
चिप्स और आईआईटी भिलाई की देखरेख में संचालन
वर्तमान में इस पूरे हाईटेक परिसर का संचालन छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) और आईआईटी भिलाई की देखरेख में किया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन सत्र में आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश ने भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कंपनियों के काम करने की जगह नहीं है, बल्कि तकनीकी विकास का केंद्र है। उन्होंने इस परिसर में आने वाले समय में एक उन्नत 'आईटी रिसर्च सेंटर' निर्माण की जरूरत पर विशेष जोर दिया, जिससे छत्तीसगढ़ से ही दुनिया भर के लिए नए तकनीकी शोध किए जा सकें।
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