रायपुर बनेगा ज्ञानोदय हब, प्रतियोगी परीक्षाओं की कराई जाएगी तैयारी

Raipur will become the Enlightenment Hub, preparation for competitive exams will be done

रायपुर (खबरगली) राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति, जनजातीय, ओबीसी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार के लिए बेहतर अवसर दिलाने के लिए सढ्ढू में चार नये हॉस्टल बनकर तैयार हो चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 1000 सीटों की है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि राजधानी रायपुर जल्द ही इन वर्ग के बच्चों के लिए ज्ञानोदय हब के रूप में विकसित हो रहा है। 

प्रमुख सचिव ने बताया कि सढ्ढू में बनाए जा रहे इन हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेस, एनडीए, क्लेट, नेट, स्लेट, पीटी, पीएमटी, आईआईटी, मेडिकल सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। पूरा परिसर लगभग 18 एकड़ में विकसित किया गया है। नवनिर्मित हॉस्टलों में एकलव्य ड्रापर छात्रों के लिए आदि की कोचिंग हेतु 500 सीटर, ओबीसी बालक-बालिकाओं हेतु सौ-सौ सीटर, अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के व्यवसायिक शिक्षा, शोध एवं अन्य उच्च शिक्षा हेतु 250 सीट शामिल है। इसकी लागत 35 करोड़ 30 लाख 64 हजार रूपए है। गौरतलब है कि सढ्ढू में पहले से ही प्रयास बालक-बालिकाएं सहित पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल संचालित है। 

 प्रमुख सचिव  बोरा ने अधिकारियों को कहा कि विभाग द्वारा संचालित प्रदेश में सभी आश्रम-छात्रावासों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली संबंधी वेबसाईट का नियमित अवलोकन करने तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। बोरा ने आगामी माह फरवरी के 20-21 तारीख को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता में जनजातीय जीवनशैली के साथ-साथ मेरा अपना विकसित गांव को भी जोड़ने का भी सुझाव दिया। 

बोरा ने बैठक में व्यक्तिगत स्तर पर यूनिक स्थानीय कलाओं जैसे भित्तीय चित्रकला, गोंड़ आर्ट सहित अन्य लोकल आर्ट को भी शामिल करने पर चर्चा की और आगामी मार्च माह में आयोजित होने वाले आदि परब, संगोष्ठी, तथा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संयुक्त रूप से वृहद स्तर पर कार्यक्रम करने के लिए निर्देश दिए। बैठक में आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेश नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 

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