रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर : टिकट कैंसिल के बदले नियम

Major Relief for Rail Passengers: Revised Ticket Cancellation Rules | Zero Refund for Cancellations Made 8 Hours Prior—Learn the New Regulations | Khabargali

8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर जीरो रिफंड, नए नियम जानें

नई दिल्ली (खबरगली ) भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द कराने के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का ऐलान किया है। अप्रैल 2026 से, यदि आप ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करते हैं, तो आपको कोई रिफंड प्राप्त नहीं होगा। जबकि 24 से 72 घंटे पहले रद्द करने पर केवल 25% किराए की कटौती की जाएगी। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य आखिरी समय में टिकट रद्द कराने की आदत को कम करना और ज़्यादा से ज़्यादा यात्रियों को कन्फर्म सीट दिलाना है। अब अगर आप ट्रेन के तय समय से ठीक पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपका पूरा पैसा डूब सकता है।

नियमों में क्या हुआ बदलाव?

नए नियमों के तहत, अगर आप ट्रेन के तय समय से सिर्फ 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा। वहीं, अगर आप 24 से 72 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपके किराए का लगभग 25% काटा जाएगा। लेकिन, अगर आप 72 घंटे से भी पहले टिकट कैंसिल कर देते हैं, तो मामूली कटौती के बाद आपको ज़्यादातर पैसा वापस मिल जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि जितनी देर से आप टिकट कैंसिल करेंगे, उतना ही ज़्यादा नुकसान आपका होगा।

नए नियमों के अनुसार अब टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड समय के हिसाब से ज्यादा सख्त हो गया है:

8 घंटे के अंदर कैंसिलेशन- अब कोई रिफंड नहीं मिलेगा

24 से 72 घंटे के बीच कैंसिलेशन- करीब 25% किराया काटा जाएगा

72 घंटे से पहले कैंसिलेशन- मामूली कटौती के बाद ज्यादा रिफंड मिलेगा, यानी अब नो-रिफंड की सीमा दोगुनी (4 से 8 घंटे) कर दी गई है।

क्यों किया गया यह बदलाव?

रेलवे के अनुसार, यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि: - आखिरी समय में टिकट कैंसिलेशन कम हो - दलालों (touts) द्वारा टिकट ब्लॉक करने पर रोक लगे - ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके

पहले के नियमों और नए नियमों में बड़ा अंतर

पहले, 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर फुल या ज़्यादा रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया है। आंशिक रिफंड के लिए भी समय सीमा बदली है। पहले 48 से 12 घंटे पहले कैंसिलेशन पर आंशिक रिफंड मिलता था, जो अब 24 से 72 घंटे के बीच 25% कटौती के साथ मिलेगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले ट्रेन के तय समय से 4 घंटे पहले कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलता था, लेकिन अब यह 'नो-रिफंड' की सीमा दोगुनी होकर 8 घंटे पहले कर दी गई है।

यात्रियों पर पड़ेगा क्या असर?

इस नए नियम का असर उन यात्रियों पर ज़्यादा पड़ेगा जो आखिरी समय में अपनी योजना बदलते हैं। बिज़नेस या इमरजेंसी में यात्रा करने वाले लोगों को भी अब टिकट कैंसिल कराना महंगा पड़ेगा। प्रीमियम ट्रेनों, जैसे वंदे भारत के यात्रियों को भी इस बदलाव का सामना करना पड़ेगा।

संक्षेप में, रेलवे यात्रियों को एक सीधा संदेश दे रहा है: "जितना जल्दी टिकट कैंसिल करेंगे, उतना पैसा बचेगा।" अब देर से टिकट कैंसिल कराने पर भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए अपनी यात्रा की योजना पहले से ही पक्की करना बहुत ज़रूरी हो गया है।