रायपुर ( खबरगली) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा के हिन्दी प्रश्नपत्र लीक मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने परीक्षा से पहले हस्तलिखित हिन्दी प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया था।
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 130/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धारा 4, 5 और 10 सहित भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 और 316 के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच में यह सामने आया कि आरोपी वेणु कुमार जंघेल ने एक छात्र को व्हाट्सएप पर हिन्दी प्रश्नपत्र भेजा था। इसके बदले उसने ऑनलाइन माध्यम से तीन हजार रुपए लिए थे। पुलिस ने बैंक खाते की जानकारी खंगालकर इस लेनदेन की पुष्टि भी की है। पुलिस पूछताछ में वेणु कुमार जंघेल ने मामले से जुड़े अन्य लोगों के नाम बताए। इसके आधार पर पुलिस ने ग्राम बोरतरा जिला बेमेतरा निवासी विकास सेन और हायर सेकेंडरी स्कूल बोरतरा के पीटीआई जवाहर लाल कुर्रे को तलब कर पूछताछ की।
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि जवाहर लाल कुर्रे ने ही वेणु जंघेल और विकास सेन को 12वीं हिन्दी का हस्तलिखित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार जवाहर लाल कुर्रे ने भी इस बात को स्वीकार किया है। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जवाहर लाल कुर्रे तक प्रश्नपत्र कहां से और किस माध्यम से पहुंचा।
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें वेणु कुमार जंघेल (19 वर्ष), निवासी ग्राम बोरतरा जिला बेमेतरा हाल गोकुल नगर रायपुर, जवाहर लाल कुर्रे (40 वर्ष), निवासी ग्राम बीजा ब्लॉक साजा जिला बेमेतरा और विकास सेन (22 वर्ष), निवासी ग्राम बोरतरा जिला बेमेतरा शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब पूरे पेपर लीक नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके। फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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