38 सफाईकर्मियों के भुगतान पर रायपुर नगर निगम में घमासान, पार्षद संदीप साहू पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

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रायपुर (खबरगली ) रायपुर नगर निगम में सफाईकर्मियों के भुगतान को लेकर विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। नगर निगम के जोन-8 में 38 सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर कांग्रेस पार्षद संदीप साहू और जोन आयुक्त राजेश्वरी पटेल के बीच विवाद सामने आया है। जोन आयुक्त की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने पार्षद के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के मुताबिक, 11 अगस्त को सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर फोन पर हुई बातचीत के दौरान पार्षद संदीप साहू ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने तथा देख लेने की धमकी दी। हालांकि, पार्षद ने इन आरोपों से अलग जोन आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

38 सफाई कर्मचारियों के भुगतान से शुरू हुआ विवाद

विवाद की जड़ वार्ड में स्वीकृत 38 सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर बताई जा रही है। जोन आयुक्त राजेश्वरी पटेल का कहना है कि सफाई कर्मचारियों का भुगतान उनकी वास्तविक उपस्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।

पार्षद सभी 38 कर्मचारियों के भुगतान की मांग पर अड़े

वहीं, पार्षद संदीप साहू की ओर से सभी 38 स्वीकृत सफाई कर्मचारियों का भुगतान किए जाने की मांग की जा रही थी। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ा और मामला विवाद में बदल गया। जोन आयुक्त की शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त को इसी भुगतान के मुद्दे पर फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि बातचीत के दौरान कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और धमकी दी गई।

पार्षद का पलटवार, कमीशन मांगने का लगाया आरोप

एफआईआर दर्ज होने के बाद पार्षद संदीप साहू ने भी जोन आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद का आरोप है कि ठेकेदारों से कमीशन की मांग की जाती है और कमीशन नहीं मिलने पर सफाई कर्मचारियों का भुगतान रोक दिया जाता है।

एफआईआर को बताया सवालों से बचने की कोशिश

पार्षद ने अपने ऊपर लगाए गए गाली-गलौज और धमकी के आरोपों को खारिज करते हुए एफआईआर को मुख्य सवालों से बचने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों के भुगतान से जुड़े मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस तरह मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर जोन आयुक्त की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी ओर पार्षद ने निगम की भुगतान व्यवस्था और कथित कमीशन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

महापौर और निगम आयुक्त तक पहुंचा मामला

जोन-8 की घटना के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने जोन आयुक्त के साथ हुई कथित अभद्रता के संबंध में महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा से शिकायत की है।

निगम अधिकारियों के साथ अभद्रता का मुद्दा फिर चर्चा में

यह पहली बार नहीं है जब नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट या अभद्रता का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी निगम के अलग-अलग जोन कार्यालयों में ऐसी घटनाएं विवाद का कारण बन चुकी हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं मारपीट और अभद्रता के मामले

जोन-10 में कुछ करदाताओं द्वारा कार्यालय में सहायक राजस्व निरीक्षक के साथ मारपीट किए जाने की घटना सामने आई थी। वहीं, जोन-4 में नोटिस देने के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। इसी जोन में जोन आयुक्त के साथ जोन अध्यक्ष के पुत्र द्वारा कथित अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया गया था। अब जोन-8 में सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर जोन आयुक्त के साथ कथित गाली-गलौज और धमकी का मामला सामने आने से निगम अधिकारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अनुशासन का मुद्दा फिर चर्चा में है।

भुगतान विवाद से एफआईआर तक पहुंचा मामला

38 सफाई कर्मचारियों के भुगतान से शुरू हुआ यह विवाद अब एफआईआर, आरोप-प्रत्यारोप और निगम प्रशासन की शिकायतों तक पहुंच गया है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब जांच में सामने आएगा पूरा सच

पुलिस एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, पार्षद की ओर से लगाए गए कमीशन संबंधी आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में इस पूरे विवाद में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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