बस्तर (खबरगली) जगदलपुर में बच्चों के बीच लोकप्रिय रंग-बिरंगी आइस कैंडी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की जांच में ‘भीम का मैंगो पैकेट ग्रीन कलर मैंगो आइस कैंडी’ असुरक्षित पाई गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने पूरे बस्तर जिले में इसके विक्रय, वितरण और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही थोक और चिल्हर व्यापारियों को बिक्री रोकने तथा बाजार में मौजूद स्टॉक वापस लेकर नियमानुसार नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
थोक और चिल्हर व्यापारियों को बिक्री रोकने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी थोक और चिल्हर व्यापारियों को संबंधित उत्पाद की बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। बाजार में उपलब्ध स्टॉक को वापस मंगाकर नियमानुसार नष्ट करने के लिए भी कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कहीं इस उत्पाद की बिक्री, वितरण या भंडारण पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयोगशाला जांच में Unsafe मिला उत्पाद
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए सैंपल को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में ‘भीम का मैंगो आइस कैंडी’ को असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग ने जिले में इसके इस्तेमाल और कारोबार पर रोक लगाने का निर्णय लिया। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वीबा एगलेस मयोनीज पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी पूनम कुंजाम के अनुसार, ‘भीम का मैंगो आइस कैंडी’ के साथ वीबा एगलेस मयोनीज को भी जांच में अमानक पाया गया है। इसके चलते दोनों खाद्य उत्पादों के विक्रय, वितरण और भंडारण पर पूरे बस्तर जिले में प्रतिबंध लगाया गया है।
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