फर्जी पेपर लीक, घोटालों और अफवाहों पर अंकुश, 22 लाख छात्रों के हित में बड़ा कदम
नयी दिल्ली (खबरगली ) केंद्र सरकार ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के मद्देनजर देशभर में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के आदेश के मुताबिक, 22 जून 2026 तक टेलीग्राम एप तक पहुंच पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा मैसेज एडिटिंग फीचर को 30 जून तक बंद रखा गया है। यह फैसला 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होने वाले री-एग्जाम से महज पांच दिन पहले लिया गया है। NTA ने अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी देने का ऐलान किया है।
पेपर लीक विवाद
मूल NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसे बड़े पैमाने पर पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया। लगभग 22.79 लाख छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। रद्द होने के बाद री-एग्जाम की घोषणा की गई, लेकिन री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम चैनलों पर फिर से फर्जी लीक के दावे और घोटाले तेज हो गए। कुछ चैनल कथित तौर पर 35 हजार से 10-12 लाख रुपये तक में “री-नीट पेपर” बेच रहे थे। NTA ने इन सभी दावों को फर्जी करार दिया और साइबर क्राइम यूनिट को सूचित किया। पहले ही 50 से अधिक संदिग्ध टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया जा चुका है।
सरकार और NTA की रणनीति
1.शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें Meta, Google और टेलीग्राम को फर्जी सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए। सरकार की बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं
2.प्रश्न पत्रों का भारतीय वायुसेना के विमानों से परिवहन
3. पेपर सेटर्स और प्रिंटिंग टीमों पर सख्त लॉकडाउन
4. साइबर क्राइम यूनिट में दर्ज शिकायतें और कानूनी कार्रवाई
5. छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर ही भरोसा करने की सलाह यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लाखों ईमानदार छात्रों को फर्जी लीक और स्कैम से बचाने में मदद मिलेगी।
NTA ने इस रोक को स्वागत योग्य बताया है। इससे परीक्षा के दौरान अफवाहों से फैलने वाले मानसिक तनाव में भी कमी आएगी और मेरिट आधारित चयन सुनिश्चित होगा। कई विशेषज्ञों और यूजर्स का कहना है कि पूरे देश में एक लोकप्रिय ऐप पर रोक लगाने से आम नागरिक प्रभावित होंगे। पत्रकार, बिजनेस कम्युनिटी, स्टडी ग्रुप और विदेश में रह रहे भारतीय इससे परेशान हो सकते हैं। VPN के इस्तेमाल से ब्लॉक को बायपास किया जा सकता है, जिससे निगरानी मुश्किल हो जाएगी। यह कदम डिजिटल स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाता है। आलोचक इसे प्रतिक्रियात्मक उपाय मानते हैं और कहते हैं कि परीक्षा प्रणाली में गहरा सुधार (जैसे पूर्ण CBT मोड, AI प्रॉक्टरिंग, बेहतर लॉजिस्टिक्स) ज्यादा जरूरी है।
दीर्घकालिक समाधान की जरूरत
NEET जैसी परीक्षाओं में बार-बार लीक की घटनाएं NTA और कोचिंग माफिया की कमजोरियों को उजागर करती हैं। के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग उठ रही है। भविष्य में डिजिटल और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली अपनाकर ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
छात्रों के लिए सलाह
सभी अभ्यर्थी अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें और तैयारी पर ध्यान केंद्रित रखें। परीक्षा के बाद सरकार को इस ब्लॉक की समीक्षा कर जल्द सामान्य स्थिति बहाल करनी चाहिए।
15 करोड़ लोगों को सजा मिली, पेपर लीक करने वालों काे नहीं’, देश में टेलीग्राम बैन किए जाने पर बिफरे पावेल ड्यूरोव
NEET की परीक्षा के कारण भारत में टेलीग्राम को ब्लॉक किए जाने के बाद कंपनी के सीईओ पावेल ड्यूरोव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे देश में 15 करोड़ सामान्य टेलीग्राम यूजर्स को मिली सजा बताया है। कहा है कि इससे कुछ नहीं रुका है, चीजें दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो गई हैं।
Telegram एप क्या है और किन देशों में रोक?
टेलीग्राम क्लाउड-आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग एप है। इसे रूस के पावेल और निकोलाई डुरोव ने बनाया था। इसका मुख्यालय वर्तमान में दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद है। इस एप पर सुरक्षा, सामग्री और सरकारी नियमों के पालन न करने जैसे कारणों से कई देशों में आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है: किन देशों में रोक है?
चीन: सरकार विरोधी गतिविधियों और आलोचनाओं के कारण जुलाई 2015 से बैन है।
क्यूबा: सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए जुलाई 2021 से बैन है।
ईरान: शुरुआत में कई बार पाबंदियां लगाने और हटाने के बाद, आखिरकार 1 मई 2018 को इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया।
नेपाल: फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी चिंताओं के कारण 18 जुलाई 2025 को इस एप को बैन किया गया है।
पाकिस्तान: पाकिस्तान के टेलिकॉम अथॉरिटी (PTA) के निर्देशों के बाद नवंबर 2017 से इसे पूरी तरह से ब्लॉक किया गया है।
सोमालिया: गलत सूचना, अश्लील सामग्री और आतंकी समूहों के जरिए इसके इस्तेमाल की वजह से अगस्त 2023 से बैन है।
थाईलैंड: थाईलैंड में 2020-21 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के जरिए इसका इस्तेमाल किए जाने के कारण अक्तूबर 2020 में इसे ब्लॉक करने के आदेश दिए गए।
वियतनाम: अवैध और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट को न हटाने के कारण 21 मई 2025 से इस एप के ऑपरेशंस पर रोक लगा दी गई है।
रूस: फरवरी 2026 में एप की स्पीड धीमी करने के बाद, अप्रैल 2026 की शुरुआत से रूसी सरकार ने टेलीग्राम को फिर से लगभग पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है।
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