चरण सिंह, नरसिम्हा राव और स्वामीनाथन को भी ‘भारत रत्न’

Charan Singh, Narasimha Rao and Swaminathan also get Bharat Ratna, Prime Minister Narendra Modi, Khabargali

1954 से 2024 तक... 53 लोगों को मिला देश का सर्वोच्च सम्मान, पढ़िए पूरी लिस्ट

नई दिल्ली (khabargali) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एलान किया कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक व देश में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले इसे साल तीन फरवरी को पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया गया था। यह पहली बार है कि भारत में किसी एक साल में पांच लोगों को भारत रत्न सम्मान देने का फैसला हुआ है।

किसानों की आवाज बुलंद करने वाले प्रखर नेता थे चरण सिंह

 चरण सिंह किसानों की आवाज बुलंद करने वाले प्रखर नेता माने जाते थे। वह 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले वह देश के उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री और दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे।

नरसिम्हा राव ने भारत को दिशा दी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नरसिम्हा राव ने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को दिशा दी बल्कि उसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।’ संयुक्त आंध्र प्रदेश में जन्मे नरसिम्हा राव वर्ष 1991 से 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। प्रधानमंत्री बनने से पहले राव विदेश मंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। वे 1971 से 73 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। राव का जन्म 28 जून 1921 को करीमनगर में हुआ था जो अब तेलंगाना का हिस्सा है।

कृषि और किसान कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया स्वामीनाथन ने

प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न से नवाजे जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि और किसान कल्याण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया बल्कि राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि को भी सुनिश्चित किया। उल्लेखनीय है कि 60 और 70 के दशक में उनके नेतृत्व में वैज्ञानिक शोध के जरिए देश में अनाज उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई थी। स्वामीनाथन का पिछले साल सितंबर महीने में चेन्नई में निधन हो गया था।

सभी भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की लिस्ट

 अब तक देश की 53 हस्तियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। भारत रत्न पुरस्कार की शुरुआत साल 1954 में नेहरू सरकार में हुई थी। पहले बार यह सम्मान एक साथ तीन हस्तियों को दिया गया था।

1. सी राजगोपालाचारी (1954), 2. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1954), 3. सी.वी. रमन (1954), 4. भगवान दास (1955), 5. एम. विश्वरवैया (1955), 6. जवाहरलाल नेहरू (1955), 7. गोविंद बल्लभ पंत (1957), 8. धोंडो केशव कर्वे (1958), 9. बिधन चंद्र रॉय (1961), 10. पुरुषोत्तम दास टंडन (1961), 11. राजेंद्र प्रसाद (1962), 12. जाकिर हुसैन (1963), 13. पांडुरंग वामन काणे (1963), 14. लाल बहादुर शास्त्री (1966), 15. इंदिरा गांधी (1971), 16. वी.वी. गिरी (1975), 17. के कामराज (1976), 18. मदर टेरेसा (1980), 19. विनोबा भावे (1983), 20. खान अब्दुल गफ्फार खान (1987), 21. एम.जी. रामचंद्रन (1988), 22. भीमराव अंबेडकर (1990), 23. नेल्सन मंडेला (1990), 24. राजीव गांधी (1991), 25. सरदार वल्लभभाई पटेल (1991), 26. मोरारजी देसाई (1991), 27. अबुल कलाम आजाद (1992), 28. J.R.D. टाटा (1992), 29. सत्यजीत रे (1992), 30. गुलजारी लाल नंदा (1997), 31. अरूणा आसफ अली (1997), 32. एपीजे अब्दुल कलाम (1997), 33. एम.एस. सुब्बूलक्ष्मी (1998), 34. चिदंबरम सुब्रमण्यम (1998), 35. जयप्रकाश नारायण (1999), 36. अमर्त्य सेन (1999), 37. गोपीनाथ बोर्दोलोई (1999), 38. रविशंकर (1999), 39. लता मंगेशकर (2001), 40. बिस्मिल्लाह खान (2001), 41. भीमसेन जोशी (2009), 42. C. N. R. राव (2014), 43. सचिन तेंदुलकर (2014), 44. मदन मोहन मालवीय (2015), 45. अटल बिहारी वाजपेई (2015), 46. प्रणव मुखर्जी (2019), 47. नानाजी देशमुख (2019), 48. भूपेन हजारीका (2019), 49. कर्पूरी ठाकुर (2024), 50. लाल कृष्ण आडवाणी (2024), 51. चौधरी चरण सिंह (2024), 52. पी. वी. नरसिंह राव (2024), 53. एम एस स्वामीनाथन (2024)

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