रायपुर (खबरगली)। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले के प्रमुख आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम आज 3 नवंबर को रायपुर पहुंचेगी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई उसे छत्तीसगढ़ ला रही है। रायपुर पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर को विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम के शाम करीब 4:30 से 4:50 बजे के बीच रायपुर पहुंचने की संभावना है। हालांकि, आगमन का सटीक समय आधिकारिक रूप से सुनिश्चित होने की प्रतीक्षा है। दिल्ली कोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि आरोपी को 4 नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाए।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
सौरभ चंद्राकर को सोमवार 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसे रायपुर ले जाकर संबंधित अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। अदालत ने निर्देश दिया कि सौरभ चंद्राकर को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाए। अब सीबीआई की टीम उसे लेकर रायपुर पहुंच रही है।
रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट में होगी पेशी
रायपुर पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर को विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। इस पेशी को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अदालत में पेशी के दौरान जांच एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपी से पूछताछ से संबंधित मांग रख सकती है। हालांकि, आगे की हिरासत और जांच को लेकर फैसला संबंधित अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
प्रत्यर्पण को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए कानूनी सवाल
दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष ने उसके प्रत्यर्पण और सीबीआई की गिरफ्तारी की वैधता को लेकर सवाल उठाए थे। बचाव पक्ष का तर्क था कि ओमान से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संदर्भ में हुई थी, जबकि सीबीआई अलग मामले में कार्रवाई कर रही है। वहीं, सीबीआई ने अदालत में अपने पक्ष में दलीलें दीं। एजेंसी का कहना था कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी था और उसके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। दिल्ली की अदालत ने प्रत्यर्पण के दायरे और सीबीआई मामले में मुकदमा चलाने की वैधता जैसे सवालों पर अंतिम निर्णय नहीं दिया। अदालत ने कहा कि इन कानूनी पहलुओं पर रायपुर की संबंधित विशेष अदालत विचार कर सकती है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI और ED की जांच
महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी नेटवर्क लंबे समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर है। छत्तीसगढ़ में इस मामले से जुड़ी जांच सीबीआई को सौंपी गई है। एजेंसी ने अपनी जांच के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और संबंधित मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए हैं। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। ईडी की जांच में कथित अवैध सट्टेबाजी से अर्जित रकम, हवाला लेनदेन और विदेशों में संपत्तियों से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं।
भिलाई से दुबई तक फैले कथित सट्टा नेटवर्क का आरोपी है सौरभ चंद्राकर
छत्तीसगढ़ के भिलाई से ताल्लुक रखने वाले सौरभ चंद्राकर का नाम महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों में शामिल है। जांच एजेंसियों के आरोपों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार को बड़े नेटवर्क के रूप में संचालित किया। जांच में विदेशों से नेटवर्क के संचालन, पैनल और ब्रांच के माध्यम से सट्टेबाजी तथा कथित अवैध कमाई को अलग-अलग माध्यमों से स्थानांतरित करने के आरोपों की पड़ताल की गई है।
ओमान से भारत लाया गया था सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर को 1 नवंबर 2026 को ओमान से भारत लाया गया था। सीबीआई के अनुसार, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई के तहत उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया। भारत पहुंचने के बाद उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। अब सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस मामले में आगे की जांच, कानूनी दलीलों और अदालत के आदेश से महादेव सट्टा प्रकरण में नए खुलासे होने की संभावना है।
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