महासमुंद में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने बैठक आयोजित

Disabled Self-Reliant Scheme Chhattisgarh, Mahasamund Disabled Loan Scheme, Chhattisgarh Disabled Finance Development Corporation Chairman Lokesh Kavadiya Government Scheme for Disabled 2026, Raipur, Khabargali

महासमुंद (खबरगली ) छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महासमुंद कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया।

 बैठक की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने की

समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने की। बैठक में कलेक्टर विनय लंगेह, प्रबंध संचालक डॉ. पंकज वर्मा और समाज कल्याण विभाग की उप संचालक संगीता सिंह सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे। इस दौरान निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प

बैठक को संबोधित करते हुए लोकेश कावड़िया ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निगम के माध्यम से दिव्यांगजनों को रियायती ब्याज दर पर स्वरोजगार हेतु ऋण, समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज सब्सिडी और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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 दिव्यांगजनों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं हैं?

प्रबंध संचालक डॉ. पंकज वर्मा ने बैठक में निगम की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। 

1. रियायती ऋण और ब्याज सब्सिडी 

40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र हितग्राहियों को परियोजना की आवश्यकता के अनुसार 10 लाख रुपये तक का ऋणउपलब्ध कराया जाता है।समय पर ऋण अदायगी करने वाले हितग्राहियों को ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है।

2. कौशल विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण

बैठक में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कौशिश उद्यमी मित्र तथा विशिष्ट प्रशिक्षण मित्र की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उप संचालक संगीता सिंह ने बताया कि अब तक 218 दिव्यांगजनों को लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे कई हितग्राही अपना व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने हैं।

 कलेक्टर ने दिए समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश

कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने और अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे अधिकारियों ने सरहा।

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