रायपुर (खबरगली) पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों के हितों की रक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से निजी महाविद्यालय प्राचार्य कल्याण संघ का गठन किया गया है। संघ की प्रथम बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक में संघ के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया। विप्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी को अध्यक्ष चुना गया, जबकि दुर्गा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी को सचिव तथा डॉ. यूलेन्द्र राजूपत कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
निजी महाविद्यालयों की समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के निर्वाचन पर उपस्थित प्राचार्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्राचार्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि संघ के नेतृत्व में निजी महाविद्यालयों से जुड़े साझा मुद्दों को प्रभावी ढंग से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा जा सकेगा।
शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक समन्वय प्राथमिकता
बैठक में संघ के उद्देश्यों, भावी कार्ययोजना और संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ का प्रमुख उद्देश्य निजी महाविद्यालयों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने के साथ-साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासनिक सहयोग और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सकारात्मक पहल करना है।
संघ की ओर से विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी महाविद्यालयों के साझा हितों की रक्षा, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के हितों का संरक्षण तथा संस्थानों के समग्र विकास के लिए रचनात्मक प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी रहेगा फोकस
संघ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी सकारात्मक भूमिका निभाने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप निजी महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और नई शैक्षणिक संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ सतत संवाद
संघ विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ निरंतर संवाद और सहयोग की भावना से कार्य करेगा। इसका उद्देश्य निजी महाविद्यालयों से संबंधित विभिन्न विषयों पर समन्वय स्थापित करना और साझा समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी संवाद का मंच तैयार करना है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पारस्परिक सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और समन्वित प्रयासों के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित किया जा सकता है। संघ निजी महाविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जरूरतों को समझते हुए भविष्य में विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।
कार्यकारिणी में इन प्राचार्यों को मिली जिम्मेदारी
संघ की कार्यकारिणी में विभिन्न निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें डॉ. मनोज मिश्रा, प्राचार्य विवेकानंद कॉलेज; डॉ. संगीता घई, प्राचार्य डागा कॉलेज; अनिल तिवारी, प्राचार्य दिशा कॉलेज; मनोज शर्मा, प्राचार्य शंकराचार्य महाविद्यालय; कुलदीप दुबे, प्राचार्य पेलोटी कॉलेज; तथा डॉ. संध्या गुप्ता, प्राचार्य गुरुकुल कॉलेज शामिल हैं।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने संघ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा निजी महाविद्यालयों के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
उच्च शिक्षा के विकास में निभाएगा सक्रिय भूमिका
निजी महाविद्यालय प्राचार्य कल्याण संघ के गठन को निजी महाविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संघ आने वाले समय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के हित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और संस्थागत विकास जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएगा। इस संबंध में जानकारी संघ के नवनिर्वाचित सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने दी।
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