राजस्थान में 9 साल की मासूम बच्ची की खेलते-खेलते मौत, 16 साल के भाई की भी हुई थी मौत

A 9-year-old girl died while playing in Rajasthan; her 16-year-old brother also died. rajasthan hindi news khabargali

राजस्थान (खबरगली) राजस्थान के नागौर जिले में महज 09 साल की बच्ची स्कूल के ग्राउंड में खेलते-खेलते अचानक गिरी और उसकी मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोटन कस्बे नाम के एक निजी स्कूल में प्रार्थना के दौरान कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) से नौ वर्षीय छात्रा की मौत हुई है। आइए, डॉ. आशीष शाह (बाल हृदय रोग विशेषज्ञ) से समझते हैं कि बच्चों में हार्ट अटैक के क्या लक्षण हैं।

16 साल के भाई की भी हुई थी ऐसी मौत

मृतक बच्ची के 16 वर्षीय भाई की भी मौत कुछ इसी तरह से हुई थी। परिवार ने अपने दोनों बच्चों को इस तरह से खो दिया।

बाल हृदय रोग विशेषज्ञ की राय

जॉन्स हॉपकिन्स ऑल चिल्ड्रन्स हार्ट इंस्टीट्यूट में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी (बाल हृदय रोग) डॉ. आशीष शाह ब्लॉग में बच्चों में हार्ट अटैक या दिल की बीमारी से जुड़ी बातों को शेयर किया है। बतौर माता-पिता आपको ये पता होना चाहिए ताकि लक्षण दिखने पर आप बच्चे का सही समय पर इलाज करा पाएं।

बच्चों में किस तरह का सीने में दर्द चिंताजनक?

डॉक्टर ने बताया, बच्चों और किशोरों में सीने में होने वाला अधिकांश दर्द सामान्य होता है। जिस प्रकार के दर्द को 'खतरे की घंटी' (Red Flag) माना जाना चाहिए, वह वह है जो शारीरिक श्रम या व्यायाम के दौरान होता है। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दर्द हो और उसके साथ चक्कर आना या धड़कन तेज होने जैसे लक्षण हों, तो यह चिंता का विषय है।

बच्चे का बेहोश होना-कैसे जानें कि यह हृदय से संबंधित है?

जब हम अचानक खड़े होते हैं या लंबे समय तक खड़े रहते हैं और चक्कर आने के साथ आंखों के सामने अंधेरा छाना, धुंधला दिखना, जी मिचलाना या दिल की धड़कन तेज होना महसूस करते हैं, तो इसे सामान्य माना जाता है। चिकित्सा भाषा में इसे 'वासोवागल सिंकोप' (vasovagal syncope) कहते हैं। यह अक्सर इस बात पर निर्भर करता है कि आप दिन भर में कितना पानी पीते हैं।

चिंता कब करें: जब कोई बच्चा प्रतिस्पर्धी खेलों या कठोर व्यायाम के दौरान बेहोश हो जाए, तो यह असामान्य है। इसका कारण हृदय संबंधी हो सकता है। ऐसी स्थिति में बाल रोग विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजिस्ट से जांच कराएं।

बच्चों की धड़कन तेज होना 

ज्यादातर मामलों में धड़कन का महसूस होना सामान्य होता है। लेकिन अगर आपका बच्चा बिना व्यायाम किए अचानक "दिल की धड़कन बहुत तेज भागने" की शिकायत करता है, तो यह असामान्य है।
 

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