जांजगीर (खबरगली) छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे ने अब और भी भयावह रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में तीन और घायल मजदूरों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ कई परिवारों को उजाड़ दिया है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान दो मजदूर- उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश के किस्मत अली- ने दम तोड़ दिया। वहीं, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पश्चिम बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना, जो 80-90% तक झुलस चुके थे, उनकी भी मौत हो गई। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे थे, जिनमें से अब भी 13 घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
घटना के बाद डभरा थाने में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट प्रबंधन समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी ने इस हादसे को महज दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम बताया है।
जांच तेज, विशेष टीम गठित
एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रशासन का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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