रायपुर (खबरगली) रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अपहरण के एक सनसनीखेज मामले का महज 6 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने फिरौती के लिए अगवा किए गए 8 वर्षीय बालक को पूरी तरह सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों सहित एक विधि से संघर्षरत (नाबालिग) बालक को भी पकड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को आरंग निवासी एक व्यक्ति ने थाने में अपने बेटे के गुमशुदगी और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी की पत्नी पेशे से नर्स हैं, जो सुबह अपने 8 वर्षीय बेटे को इंदिरा चौक स्थित ‘मेडप्लस मेडिकल दुकान’ के पास छोड़कर गई थीं। इसके बाद सुबह करीब 9 बजे बच्चा खेलने और साइकिल चलाने की बात कहकर वहां से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक बच्चा नहीं मिला, तो परिजनों ने शाम करीब 4 बजे थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
15 लाख की मांगी गई थी फिरौती
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, अपहर्ताओं ने फोन कर परिजनों से 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी
फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस और रेंज साइबर सेल की टीम सक्रिय हो गई। तकनीकी मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और सभी संभावित रास्तों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस की तगड़ी घेराबंदी से घबराए आरोपी बालक को ग्राम समोदा के पेट्रोल पंप के पास छोड़कर मौके से फरार हो गए, जहाँ से पुलिस ने बच्चे को सकुशल अपने कब्जे में ले लिया।
आरोपी गिरफ्तार, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल जब्त
तकनीकी साक्ष्यों और जानकारी के आधार पर पुलिस ने बलौदाबाजार जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ‘दतरेंगी’ में दबिश दी। यहाँ से पुलिस ने दो आरोपियों—हेमंत निषाद (25) और मिथलेश ध्रुव (20)—को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा घटना में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के शुरुआती रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। बहरहाल, पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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