रायपुर(खबरगली) छत्तीसगढ़ में इस बार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। वक्फ बोर्ड ने साफ किया है कि खुले स्थानों पर कुर्बानी, तेज आवाज में डीजे बजाने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं नमाज भी तय समय और शिफ्ट में अदा कराई जाएगी।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पिछले साल से ही शिफ्ट में नमाज अदा कराने की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से संभाली जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सुबह 6 से 11 बजे तक होगी नमाज
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी समय निर्धारित किया गया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अलग-अलग शिफ्ट में अदा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।
खुले में कुर्बानी पर पूरी तरह रोक
वक्फ बोर्ड और प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में किसी भी प्रकार की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी।प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
नगर निगम की टीमों को त्योहार के दौरान विशेष सफाई अभियान चलाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज में धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सली
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