रायपुर (खबरगली) रायपुर के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में भी कमिश्नरेट लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। औद्योगिक और रेलवे जोन के चलते इन दोनों शहरों में पिछले कुछ समय से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दुर्ग और बिलासपुर में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी। उनका कहना है कि रायपुर में यह व्यवस्था अच्छा काम कर रही है। इसलिए अब इन दो जिलों में भी इसकी जरूरत महसूस की गई। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलते हैं, जिससे अपराध पर तुरत और प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
वर्तमान में राजधानी रायपुर को छोड़ दें तो ज्यादातर जिलों में पुलिस प्रमुख एसपी (सुप्रीटेडेंट ऑफ पुलिस) होता है। कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों के लिए पुलिस को कलेक्टर पर निर्भर रहना पड़ता है। धारा 144 लगाना, मजिस्ट्रेट शक्तियां, लाइसेंस से जुड़े कई अधिकार कलेक्टर के पास होते हैं। पुलिस और प्रशासन अलग-अलग काम करते हैं।
दुर्ग और बिलासपुर जिले में भी इसी व्यवस्था के तहत काम हो रहा है, लेकिन समय के साथ दोनों जिले महानगरों का स्वरूप ले लिया है। अगर इन दोनों जिलों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होता है तो जिले में पुलिस का मुखिया आयुक्त हो जाएगा और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले पुलिस खुद तेजी से ले सकती है। जानकारों के मुताबिक बढ़ती आबादी और शहर में बढ़ते अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था समेत VIP मूवमेंट बढ़ने समेत त्वरित कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जाता है। दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में भी समय के साथ जनसंख्या और अपराधों में भी वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिसिंग को मजबूत करने का एक बड़ा फैसला राज्य सरकार ने लिया है।
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