रायपुर (खबरगली) मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर (रायपुर) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब गहरे अवदाब में तब्दील हो चुका है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणिका छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन अगले चार दिनों का यह मानसूनी स्पेल इस घाटे को काफी हद तक पाट सकता है। रविवार को हुई बूंदाबांदी के बाद रायपुर का अधिकतम तापमान घटकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिससे उमस झेल रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
ऑरेंज अलर्ट वाले 14 जिले
उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली। इन इलाकों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का सीधा खतरा है।
येलो अलर्ट वाले क्षेत्र: रायपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा। यहां बादल गरजने, हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
शहरवासियों के लिए अलर्ट
राजधानी रायपुर में तेलीबांधा रिंग रोड, जयस्तंभ चौक और लाखेनगर जैसे निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए नगर निगम की आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से बारिश और कड़क बिजली के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले नालों के पास खड़े न होने की अपील की है। किसान भाइयों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों (विशेषकर धान की बोआई एवं रोपाई) के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।
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