जशपुर (खबरगली) एक तरफ शोकसभा से लौट रहे थे, दूसरी ओर खुद मातम बनकर लौटे। टिकैतगंज क्षेत्र में रविवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इंसानियत और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। दशगात्र कार्यक्रम से लौट रहे तीन ग्रामीणों की बाइक हादसे का शिकार हो गई, जिसमें पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा साथी गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
इस हादसे की सबसे भयावह तस्वीर यह रही कि तीनों पूरी रात सडक़ किनारे पड़े रहे, दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक घायल तड़पता रहा, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। सुबह राहगीरों की नजर पड़ी, तब जाकर घटना सामने आई।
मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के गुमला जिले के ग्राम सिबिल, थाना चैनपुर निवासी जितना मुंडा और उनके पुत्र बीरेंद्र मुंडा, तथा ग्राम कुरमा, थाना गुमला निवासी रामदयाल मुंडा (55 वर्ष), जशपुर के ग्राम टिकैतगंज में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों मोटरसाइकिल से रविवार रात करीब 9.30 बजे अपने घर के लिए रवाना हुए।
लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा। रास्ते में तेज रफ्तार या असंतुलन के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और जोरदार टक्कर के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जितना मुंडा और उनके बेटे बीरेंद्र मुंडा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि रामदयाल मुंडा गंभीर रूप से घायल होकर सडक़ किनारे पड़े रहे।
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