राहत भरी खबर: कोरोना पीक से गुजर चुका रायपुर, आईआईटी प्रोफेसर पद्मश्री मणिंद्र का दावा

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रायपुर (khabargali) वैश्विक महामारी कोरोना से जो आफत आई है उससे सभी परेशान है. सभी की यह चिंता है कि जाने कब इससे राहत मिलेगी और जिंदगी वापस पटरी पर आएगी. इस बीच IIT कानपुर से राहत भरी खबर आई है. कानपुर के प्रोफेसर पद्मश्री मणिंद्र अग्रवाल की स्टडी के मुताबिक रायपुर अब तक पीक से गुजर रहा था. ग्राफ के मुताबिक अभी ये 7 दिनों के लिए है. रायपुर में अब कोरोना के आंकड़ों में कमी नजर आएगी. आपको बता दें कि कंप्यूटर बेस्ड मॉडल पर प्रो. मणिंद्र और उनकी टीम ने देश के अलग-अलग राज्यों में पिछले 7 दिन में कोरोना के मिलने वाले औसतन केस पर स्टडी की है. प्रो. मणिंद्र ने ट्विटर पर इस बात का दावा भी किया है. प्रो. मणिंद्र ने देश में कोरोना को लेकर भी कई दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि देश में कोरोना की दूसरी फेज का पीक मई के पहले हफ्ते में होगा. मतलब इस दौरान सबसे ज्यादा मरीज मिलेंगे.

1 फरवरी से 21 जून के ग्राफ़ शेयर किया

प्रोफेसर पद्मश्री मणिंद्र अग्रवाल ने रायपुर और कोरबा जिले को लेकर दावा किया है. उन्होंने अपने ट्वीटर पर एक ग्राफ पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने बताया कि रायपुर कोरोना की पीक से गुजर चुका है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर 1 फरवरी से 21 जून तक का ग्राफ शेयर किया है.

कोरबा जिले को लेकर यह कहा

प्रोफेसर पद्मश्री मणिंद्र अग्रवाल ने कोरबा जिले को लेकर भी ग्राफ शेयर किया है. उन्होंने कहा कि कोरबा भी पीक पर है. कोरबा में कोरोना के आंकड़े तेजी से बढ़ने के आसार हैं. उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर 1 फरवरी से 21 जून तक का ग्राफ शेयर किया है. इस ग्राफ में कोरोना के आंकड़े भयावह दिख रहे हैं. ये ग्राफ अभी 7 दिनों के लिए, लेकिन आंकड़े अब भी बढ़ने के आसार हैं.

एमपी समेत कई राज्यों का डेटा अभी स्पष्ट नहीं

प्रो. अग्रवाल ने बताया कि तमिलनाडु में कोरोना का पीक 6 मई तक आने का अनुमान है. हालांकि, अभी ये डेटा पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुआ है. इसी तरह गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों का डेटा भी अभी साफ नहीं है. इन राज्यों पर स्टडी अभी भी जारी है.

स्टडी के अनुसार जानें कहां-कहां भयावह आंकड़े

 IIT कानपुर प्रो. अग्रवाल के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना का पीक आ चुका है. यहां अब अगले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या बढ़ने की बजाय घटने लगेगी. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और राजस्थान में 20 से 30 अप्रैल के बीच सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज मिलेंगे. कंप्यूटर बेस्ड मॉडल से निकाले गए आंकड़ों को मानें तो पीक के समय उत्तर प्रदेश में एक दिन में सबसे ज्यादा 32,000 केस आएंगे. इसके बाद दिल्ली में यह आंकड़ा 30,000, पश्चिम बंगाल में 11,000, राजस्थान में 10,000 और बिहार में 9,000 के आसपास रहेगा.

प्रोफेसर ने राज्यवार ग्राफ में किया दावा-

बिहार : ग्राफ के अनुसार बिहार में 20-25 अप्रैल तक कोरोना वायरस पीक पर रहेगा.

तेलंगाना : यहं ग्राफ थोड़ा ऊपर-नीचे है, हालांकि यहां पर भी 20-25 अप्रैल तक पीक पर रहने वाला है.

दिल्ली : पिछले ग्राफ के अनुसार देखा जाए तो 20-25 अप्रैल के दौरान कोरोना संक्रमण चरम पर होगा.

झारखंड : यहां पर भी 25-30 अप्रैल के दौरान कोरोना चरम पर रहने की संभावना है.

राजस्थान : यहां पर भी 25-30 अप्रैल के दौरान कोरोना का पीक समय होगा.

ओडिशा : यहां पर 26-30 अप्रैल तक कोरोना संक्रमण अपनी चरम अवस्था पर होगा.

पंजाब : यहां पर कोरोना वायरस का खतरा चरम पर मंडराता रहा, लेकिन नियंत्रण करने के उपायों के चलते ग्राफ जल्दी गिरा है.

आंध्र प्रदेश : यहां पर 1 से 10 मई के बीच संक्रमण चरम पर होगा और दस हजार केस का औसत रहने की आशंका है.

तमिलनाडु : यहां पर फिलहाल खतरा नहीं है लेकिन अध्ययन पर गौर करें तो 11 से 20 मई के बीच कोरोना संक्रमण का चरम हो सकता है.

पश्चिम बंगाल : यहां कोरोना संक्रमण अभी प्रारंभिक अवस्था में है और 1-5 मई के दौरान चरम पर पहुंचने की संभावना है।

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