रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्यादित की वार्षिक साधारण सभा में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में AI तकनीक, डिजिटलाइजेशन, सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण, आधुनिक प्रबंधन, प्रकाशन व्यवस्था और संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, जीई रोड रायपुर के सभागार में आयोजित वार्षिक आमसभा में संघ के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, सदस्य संस्थाओं और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन, आय-व्यय, वित्तीय पत्रकों और वर्ष 2027-28 के प्रस्तावित बजट सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों पर चर्चा की गई।
8 जिला सहकारी संघों को राज्य संघ की सदस्यता देने का प्रस्ताव
वार्षिक आमसभा में प्रदेश के शेष 8 जिला सहकारी संघों को राज्य सहकारी संघ की सदस्यता देने का प्रस्ताव रखा गया। इनमें धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, बलौदा बाजार, बेमेतरा, महासमुंद और गरियाबंद जिला सहकारी संघ शामिल हैं।
राज्य और जिला स्तर पर बढ़ेगा समन्वय
इन जिला सहकारी संघों को सदस्यता मिलने से सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रकाशन और जागरूकता गतिविधियों में राज्य एवं जिला स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अछोटी में आधुनिक प्रेस स्थापित करने की तैयारी
सहकारी संघ की प्रकाशन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दुर्ग जिले के ग्राम अछोटी में आधुनिक प्रेस स्थापित करने की दिशा में कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। संघ को अछोटी में करीब दो एकड़ भूमि प्राप्त हुई है। वर्तमान में सहकारी समाचार, प्रशिक्षण सामग्री और अन्य प्रकाशनों के मुद्रण के लिए बाहरी संस्थाओं पर निर्भरता है। आधुनिक प्रेस स्थापित होने के बाद प्रकाशन कार्य में आत्मनिर्भरता के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता बढ़ने की उम्मीद है।
सहकारिता क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
वार्षिक आमसभा में सहकारी संघ के कामकाज को तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मीडिया, ई-लर्निंग, डेटा प्रबंधन, सॉफ्टवेयर विकास और ई-गवर्नेंस जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
तकनीकी संस्थाओं के साथ MoU का प्रस्ताव
तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए संबंधित तकनीकी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग बढ़ाना है।
नई सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण नीति बनाने पर जोर
सभा में सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, संचालकों और सदस्यों के लिए नई सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण नीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आधुनिक और व्यावहारिक विषयों को शामिल किया जाएगा।
प्रशिक्षण में AI से साइबर सुरक्षा तक होंगे महत्वपूर्ण विषय
प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मुख्य रूप से: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिजिटल सहकारिता साइबर सुरक्षा डिजिटल लेखांकन आधुनिक कृषि विपणन वित्तीय प्रबंधन आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था जैसे विषयों को शामिल करने पर चर्चा हुई।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मचारियों को मिल सकते हैं बोनस
अंक आमसभा में राज्य सहकारी संघ से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति, चयन अथवा अन्य सेवा लाभों में निर्धारित बोनस अंक देने के लिए सेवा नियमों में आवश्यक प्रावधान करने पर भी चर्चा हुई। इस प्रस्ताव का उद्देश्य कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना और सहकारी संस्थाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है।
आधुनिक उपकरणों की खरीदी का भी प्रस्ताव
कार्यालयीन कार्य, प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी उपकरणों की खरीदी का प्रस्ताव रखा गया। इनमें कंप्यूटर, कैमरा, माइक्रोफोन, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण, प्रिंटर, स्कैनर और नेटवर्किंग संसाधन शामिल हैं। इससे सहकारी संघ की डिजिटल एवं संचार व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सदस्यता अभिदाय 500 से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने पर विचार
संघ की बढ़ती गतिविधियों और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए सदस्य संस्थाओं से मिलने वाले वार्षिक सदस्यता अभिदाय को 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति वर्ष करने का प्रस्ताव भी सभा में रखा गया। इस प्रस्ताव पर आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ से मार्गदर्शन लेने की बात कही गई।
उपविधियों में संशोधन पर भी चर्चा
सभा में संघ की उपविधियों में आवश्यक संशोधन, सहकारी संस्थाओं के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को मजबूत करने तथा डिजिटल और आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
वार्षिक आमसभा में ये प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
वार्षिक आमसभा में राज्य संघ के प्राधिकृत अधिकारी सौरभ शर्मा, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, विपणन संघ के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी, हाथकरघा संघ के प्राधिकृत अधिकारी भोजराम देवांगन उपस्थित रहे। इसके अलावा संघ के मानसेवी सदस्य एवं सहकार भर्ती प्रदेश महामंत्री कनीराम शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष नरेश यदु, रायपुर बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अमितेश कश्यप, जिला सहकारी संघों के प्रतिनिधिगण, पंजीयक प्रतिनिधि विश्वदीप महोबे, उपायुक्त रायपुर के सहायक विनय कश्यप तथा संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. ध्रुव सहित संघ के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सहकारिता को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सहकारी संघ की वार्षिक आमसभा में लिए गए प्रस्तावों में AI, डिजिटलाइजेशन, आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों और प्रकाशन व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई। इन पहलों के जरिए सहकारी क्षेत्र को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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