रायपुर: गायत्री नगर जगन्नाथ मंदिर में धूमधाम से मना देव स्नान पूर्णिमा उत्सव, 108 कलशों से हुआ भगवान का महाअभिषेक

Raipur: The Gayatri Nagar Jagannath Temple celebrated the Dev Snan Purnima festival with great pomp, anointing the deity with 108 urns, and MLA Purandar Mishra prayed for happiness and prosperity. The deity will now remain in "Anavasar" for 15 days. Chhattisgarh, Khabargali

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने की सुख-समृद्धि की कामना; अब 15 दिन 'अनवसर' में रहेंगे भगवान

रायपुर (खबरगली ) राजधानी के गायत्री नगर (शंकर नगर) स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में देव स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और देवी सुभद्रा का भव्य महाअभिषेक एवं स्नानोत्सव सम्पन्न हुआ। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर "जय जगन्नाथ" के जयघोष और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।

विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में अनुष्ठान

कार्यक्रम का नेतृत्व जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने किया। उन्होंने भगवान के विग्रहों का 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

Raipur: The Gayatri Nagar Jagannath Temple celebrated the Dev Snan Purnima festival with great pomp, anointing the deity with 108 urns, and MLA Purandar Mishra prayed for happiness and prosperity. The deity will now remain in "Anavasar" for 15 days. Chhattisgarh, Khabargali

सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह पर्व

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा: "देव स्नान पूर्णिमा भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ सबको समान दृष्टि से अपनाने वाले लोकदेवता हैं, जिनकी कृपा से समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा भावना का विस्तार होता है।"

अब 15 दिनों तक 'अनवसर' (एकांतवास) में रहेंगे भगवान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महाअभिषेक के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके चलते भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा अगले 15 दिनों तक 'अनवसर' में रहेंगे। इस अवधि में भगवान विश्राम करेंगे और उनका जड़ी-बूटियों से उपचार किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे। इसके बाद भगवान के 'नवयौवन रूप' के दर्शन होंगे और फिर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ होगा।

आकर्षक सजावट और महाप्रसाद का वितरण

स्नानोत्सव के दौरान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। उत्सव के लिए पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने भगवान के दिव्य स्नानोत्सव के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने सभी श्रद्धालुओं को देव स्नान पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री जगन्नाथ से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी पर बनी रहे तथा समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का संचार होता रहे। इस अवसर पर जगन्नाथ सेवा समिति के पदाधिकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Category

Related Articles