रायपुर में 1.54 करोड़ की क्रिप्टो ठगी: छात्र ने टीचर को दिखाया 25% मुनाफे का सपना, बैंक से लोन लेकर भी लगाया पैसा

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रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला क्रिप्टो फ्रॉड मामला सामने आया है। यहां एक कोचिंग सेंटर संचालक को उनके ही छात्र ने क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में 25 से 30 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर करीब 1.54 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ बैंक से लोन लेकर भी निवेश किया था। मामला रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित पुष्कर जैन ने छात्र नेहल अग्रवाल समेत उसके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छात्र ने बताया- परिवार करता है करोड़ों का क्रिप्टो कारोबार

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पुष्कर जैन की पहचान उनके कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र नेहल अग्रवाल से हुई थी। बातचीत के दौरान नेहल ने दावा किया कि उसका परिवार बड़े स्तर पर क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग का कारोबार करता है। आरोप है कि नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की ने मिलकर कोचिंग संचालक को निवेश पर 25 से 30 प्रतिशत तक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया।

शुरुआत में मुनाफा देकर बढ़ाया भरोसा

ठगी के इस कथित नेटवर्क ने पहले निवेश पर कुछ लाभांश देकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। शुरुआती रिटर्न मिलने से पुष्कर जैन को लगा कि निवेश सुरक्षित और लाभदायक है। इसी भरोसे के चलते उन्होंने धीरे-धीरे निवेश की राशि बढ़ा दी। इसमें उनकी निजी बचत के अलावा बैंक से लिया गया कर्ज भी शामिल था।

1.54 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश, फिर बंद हो गए मोबाइल

आरोप है कि लगातार बड़े मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से कुल 1.54 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निवेश करवाई गई। लेकिन जब निवेश की गई रकम वापस मांगने या लेन-देन का हिसाब लेने की बात आई, तो आरोपियों का व्यवहार बदल गया। कुछ समय बाद सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए और संपर्क टूट गया।

FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार

ठगी का एहसास होने के बाद पुष्कर जैन ने आजाद चौक थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर के बाद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

बैंक से लोन लेकर निवेश करना पड़ा भारी

इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित ने सिर्फ अपनी बचत ही नहीं, बल्कि बैंक से लोन लेकर भी निवेश किया था।

पुलिस खंगाल रही बैंक खाते और लेन-देन

पुलिस अब मामले से जुड़े बैंक खातों, लेन-देन के दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि रकम का उपयोग कहां किया गया और इस कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

क्रिप्टो निवेश में सावधानी क्यों जरूरी? विशेषज्ञों ने दी यह सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से निवेशकों को सावधान रहना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता और जोखिम की पूरी जांच करना जरूरी है। बिना सत्यापन किसी व्यक्ति या निजी नेटवर्क पर भरोसा न करें। निवेश से पहले वित्तीय सलाह जरूर लें। बैंक लोन लेकर जोखिम भरे निवेश से बचें।

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