रायपुर (खबरगली )छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के कार्यालय में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर भावपूर्ण एवं आत्मीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया ने कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ राजिम से आई दिव्यांग बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह, सम्मान और विश्वास का भाव देखने को मिला। राजिम से पहुंची दिव्यांग बहनों ने अपने हाथों से तैयार की गई सुंदर राखियां बांधकर रक्षाबंधन की परंपरा को आत्मीयता के साथ निभाया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिव्यांग बहनों का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ खुशियां साझा कीं।
राजिम से पहुंचीं दिव्यांग बहनों ने बांधी राखियां
रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन में राजिम से आई दिव्यांग बहनों ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां लेकर हिस्सा लिया। उन्होंने निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया सहित उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की कलाई पर राखियां बांधीं।
अपने हाथों से तैयार की सुंदर राखियां
इस आयोजन की खास बात यह रही कि बहनों ने स्वयं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार की थीं। इन राखियों में उनकी रचनात्मकता और मेहनत की झलक दिखाई दी। राखी बांधने के दौरान भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता और अपनत्व का माहौल बना रहा। लोकेश कवाड़िया ने दिव्यांग बहनों के इस स्नेह को सम्मान के साथ स्वीकार किया और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बहनों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं।
दृष्टिबाधित बहन तारिणी निषाद ने दी मधुर गीत की प्रस्तुति
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित बहन तारिणी निषाद ने अपनी मधुर आवाज में गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
गीत की प्रस्तुति ने बांधा समां
तारिणी निषाद की गीत प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा। उनकी आवाज और प्रस्तुति ने रक्षाबंधन के भावनात्मक माहौल को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर दिव्यांग बहनों ने यह संदेश भी दिया कि प्रतिभा और आत्मविश्वास के सामने किसी भी तरह की शारीरिक चुनौती बाधा नहीं बन सकती। तारिणी निषाद की प्रस्तुति इसी आत्मविश्वास और प्रतिभा का उदाहरण बनी।
दिव्यांग बहनों के सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश
रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मीयता और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी देखने को मिला। निगम के कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सम्मान देने के साथ दिव्यांग बहनों की प्रतिभा और रचनात्मकता को भी मंच प्रदान किया।
आत्मीय माहौल में मनाया गया रक्षाबंधन
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और दिव्यांग बहनों के बीच आत्मीय संवाद हुआ। सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। राजिम से आई बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाने से कार्यक्रम में अपनत्व और भाईचारे की भावना और मजबूत हुई।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल
छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम दिव्यांगजनों के कल्याण और विकास से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दिव्यांगजनों के साथ सामाजिक जुड़ाव और सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलता है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल परंपराओं को निभाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ खुशियां साझा करने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
आयोजन की देखें तश्वीरें
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