रायपुर (खबरगली )रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में कोई भी व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि परिसर का निर्माण होता है, तो वह बीटीआई ग्राउंड से लगे सरकारी कर्मचारियों के जर्जर मकानों वाली जमीन पर किया जाएगा। विधायक ने यह बात शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
बीटीआई ग्राउंड को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा का बड़ा बयान
बीटीआई ग्राउंड में निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मैदान में किसी भी तरह का व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित निर्माण के लिए बीटीआई ग्राउंड से लगी उस जगह पर विचार किया जा सकता है, जहां सरकारी कर्मचारियों के जर्जर मकान स्थित हैं। उनके इस बयान से बीटीआई ग्राउंड में निर्माण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
नुआखाई भेंटघाट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को बताया गौरवपूर्ण
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ने राजधानी रायपुर में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण रहा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं था, बल्कि संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और युवा सशक्तिकरण को एक साझा मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास था।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि नुआखाई हमारी कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्नदाता किसानों के सम्मान और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना ही इस आयोजन की मूल भावना है।
कचना ओवरब्रिज के बाद पंडरी रोड पर भी बनेगा ओवरब्रिज
विधायक ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के पास उपलब्धियां गिनाने के लिए काफी कुछ है। नवनिर्मित कचना ओवरब्रिज इसका उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में पंडरी रोड पर खालसा स्कूल के पास भी ओवरब्रिज बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी में बुनियादी सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में विकास कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मंत्रिमंडल में फेरबदल और मंत्री पद की दौड़ पर क्या बोले पुरंदर मिश्रा?
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और दोबारा मंत्री पद की दौड़ में शामिल होने से जुड़े सवाल पर पुरंदर मिश्रा ने उत्कल समाज की संख्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्कल समाज के लोगों की संख्या लगभग 35 लाख है और यही वास्तविकता है, बाकी बातें नगण्य हैं। वहीं, उत्कल गाड़ा समाज की एक लॉबी द्वारा उनके विरोध में काम किए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि समाज के लोग उनके भाई हैं। उन्होंने कहा, “मतभेद तो पति-पत्नी के बीच भी होते हैं।” उनके मुताबिक, आपसी विरोध और मतभेद के बीच भी आगे बढ़ने का रास्ता निकलता है।
विकसित भारत 2047 के संकल्प पर दिया जोर
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित भारत का संकल्प केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा देश बनाने का लक्ष्य है, जहां रोजगार के नए अवसर पैदा हों, आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़े और नवाचार को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। नुआखाई जैसे आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करते हैं।
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