चमोली (खबरगली) उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन मायापुर–पीपलकोटी टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद टनल के भीतर अफरा-तफरी मच गई। जिला प्रशासन और राहत-बचाव टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक टनल में काम कर रहे 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं 6 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे में 11 श्रमिक घायल हुए हैं। घायलों में झारखंड के 5, बिहार के 2, छत्तीसगढ़ के 2 तथा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 1-1 मजदूर शामिल हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। लापता मजदूरों की तलाश के लिए टनल के अंदर और आसपास लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
सरिया बांधने का काम कर रहे थे सुनील दीवान
हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने घटना के भयावह मंजर के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वह टनल के भीतर सरिया बांधने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हुआ और पानी व मलबा तेजी से टनल के अंदर घुसने लगा। सुनील के मुताबिक, कुछ ही पलों में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि मजदूरों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागना पड़ा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
22 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया। रेस्क्यू टीमों ने टनल के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालना शुरू किया। अब तक 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि टनल के एक हिस्से में मलबा और पानी जमा होने के कारण बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। छह मजदूरों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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