रायपुर (खबरगली) शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से रायपुर यातायात पुलिस 1 जुलाई से विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान के तहत सात दिनों के भीतर शहर के सभी पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो पर निशुल्क क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इसके लिए मंगलवार को यातायात मुख्यालय कालीबाड़ी में यातायात थाना प्रभारियों, उनके स्टाफ और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता यातायात पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला ने की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) दौलतराम पोर्ते तथा सहायक पुलिस आयुक्त सतीश कुमार ठाकुर, गुरजीत सिंह और सीमा अहिरवार भी मौजूद रहे।
अभियान पूरा करने का निर्देश
प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मचारियों को क्यूआर कोड लगाने की पूरी प्रक्रिया, निर्धारित मानकों और आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि क्यूआर कोड को स्कैन कर चालक और वाहन से संबंधित जानकारी का सत्यापन कैसे किया जाएगा तथा कोड को वाहन पर किस स्थान पर सुरक्षित और मानक तरीके से चस्पा करना है। सभी थाना प्रभारियों को उनके क्षेत्र के अनुसार क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए और सात दिन के भीतर अभियान पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डाटाबेस के साथ अपराध नियंत्रण में मदद
यातायात पुलिस के अनुसार यह पहल ई-रिक्शा और ऑटो का व्यवस्थित डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, वाहन सत्यापन और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। इससे जरूरत पड़ने पर वाहन और चालक की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
पुलिस ने की सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने सभी पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों द्वारा संबंधित चालकों को फोन कर निर्धारित यातायात थाने में वाहन सहित बुलाया जाएगा। वहां वाहन नंबर का क्यूआर कोड से मिलान कर निशुल्क क्यूआर कोड चस्पा किया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि अभियान की सफलता के लिए वाहन चालक समय पर पहुंचकर सहयोग करें।
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