रायपुर के हृदय स्थल पर राजस्थानी स्थापत्य कला की अनूठी झलक, 157 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री बांके बिहारी मंदिर का कायाकल्प

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8 मई से प्रारंभ हुए सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, 13 मई को भजन संध्या एवं 14 मई को निकलेगी भव्य रथयात्रा और होगा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

रायपुर (खबरगली ) राजधानी रायपुर के सदर बाजार, नयापारा स्थित 157 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री बांके बिहारी मंदिर का जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस भव्य नवनिर्मित मंदिर में विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य आयोजन कल, 14 मई 2026 (गुरुवार) को अत्यंत धूमधाम से किया जाएगा। मंदिर में सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 8 मई से ही निरंतर जारी हैं।

1870 में हुई थी स्थापना, अब मिला भव्य स्वरूप ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल एवं महामंत्री सुरेश चौधरी ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना सन 1870 में श्रद्धेय श्री बैजू अग्रवाल जी द्वारा की गई थी।

स्थापत्य शैली: समय के साथ जीर्ण हो चुके इस आस्था के केंद्र को ट्रस्ट और समाज के सहयोग से नया जीवन मिला है। अब इसे भव्य राजस्थानी वास्तुकला शैली में निर्मित किया गया है।

2 वर्षों की मेहनत: मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष डॉ. मनोज अग्रवाल और कोषाध्यक्ष अजय खेतान के अनुसार, इस भव्य निर्माण को पूरा करने के लिए सैकड़ों मजदूरों ने दो साल तक दिन-रात काम किया है।

मकराना संगमरमर की मूर्तियां और अत्याधुनिक सुविधाएं जयपुर से आईं प्रतिमाएं

मंदिर में भगवान श्री बांके बिहारी जी और राधा जी की 5 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही भगवान शिव-पार्वती (ज्योतिर्लिंग), अष्टभुजा मां दुर्गा, श्री हनुमान जी, माता महालक्ष्मी एवं भगवान श्री अग्रसेन जी की 3 फीट ऊंची प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। ये सभी मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में निर्मित कराई गई हैं।

आधुनिक सुविधाएं: वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत के लिए मंदिर में गुड़गांव की ए.एस.आर. एलीवेटर द्वारा अत्याधुनिक लिफ्ट लगाई जा रही है।

अर्णव हॉल: मंदिर के प्रथम तल पर स्थित हॉल का नामकरण स्वर्गीय अर्णव अग्रवाल की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों द्वारा “अर्णव हाल” किया गया है। यह जानकारी कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल एवं निर्माण समिति के सचिव नंदकिशोर अग्रवाल ने दी।

आचार्य ओमप्रकाश जोशी के सानिध्य में वैदिक अनुष्ठान

इस संपूर्ण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का संपादन प्रख्यात कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य श्री ओमप्रकाश जोशी जी के मार्गदर्शन में हो रहा है। आयोजन को पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए 11 विद्वान पंडित सात दिनों तक विभिन्न वैदिक मंत्रों और स्रोतों का निरंतर पाठ कर रहे हैं। कल होने वाले इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन को लेकर राजधानी के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

प्रचार प्रसार प्रमुख संजय अग्रवाल एवं संजीव अग्रवाल ने बताया कि इस ऐतिहासिक मंदिर से स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियां भी जुड़ी हुई हैं। स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व यहां दर्शन हेतु आते रहे हैं। भारतीय सिनेमा के पितामह कहे जाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता एवं निर्माता श्री पृथ्वीराज कपूर ने भी रायपुर प्रवास के दौरान मंदिर पहुंचकर ठाकुर जी के चरणों में दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया था।

धर्म प्रेमियों से विशेष आग्रह किया गया है कि प्राण प्रतिष्ठा विधान के अंतर्गत भगवान के आसन के नीचे स्थापित किए जाने हेतु श्रद्धालुजन मूंगा, मोती, सोना, चांदी, तांबा एवं अन्य शुभ धातुएं एवं रत्न श्रद्धा अनुसार अर्पित कर सकते हैं।

सात दिवसीय कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे 

08 मई 2026, शुक्रवार वेदी पूजन एवं मूर्ति अभिषेक – प्रातः 11:30 बजे कलश यात्रा – शाम 4:30 बजे जलाधिवास – शाम 6:00 बजे

09 मई 2026, शनिवार वेदी पूजन – प्रातः 9:30 बजे अन्नाधिवास

10 मई 2026, रविवार वेदी पूजन – प्रातः 9:30 बजे फलाधिवास

11 मई 2026, सोमवार वेदी पूजन – प्रातः 9:30 बजे मेवाधिवास एवं मिष्टाधिवास

12 मई 2026, मंगलवार वेदी पूजन – प्रातः 9:30 बजे शय्याधिवास एवं कर्पधिवास

13 मई 2026, बुधवार वेदी पूजन – प्रातः 9:30 बजे मूर्ति महास्नान एवं नेत्रोन्मीलन – प्रातः 11:30 बजे हवन – शाम 6:30 बजे भजन संध्या – रात्रि 8:00 बजे से प्रसिद्ध भजन गायक श्री तरुण सोनी एवं पार्टी द्वारा प्रस्तुति

14 मई 2026, गुरुवार रथयात्रा – प्रातः 8:00 बजे प्राण प्रतिष्ठा – प्रातः 11:00 बजे मूर्ति स्थापना एवं महाआरती – प्रातः 11:30 बजे भंडारा प्रसादी – दोपहर 1:30 बजे से

मंदिर ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं, भक्तजनों एवं धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस दिव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा इस उत्सव को अपना स्वयं का उत्सव मानकर सहभागी बनें। जय श्री बांके बिहारी लाल की जय।

A unique glimpse of Rajasthani architecture at the heart of Raipur, transformation of the 157-year-old historical Shri Banke Bihari Temple, seven-day religious rituals starting from May 8, Bhajan Sandhya on May 13 and a grand Rath Yatra and Pran Pratishtha Mahotsav on May 14, Shri Banke Bihari Temple Trust, Petha Line, Nayapara, Sadar Bazar, Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

 

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