बालाजी अस्पताल की बिल्डिंग से गिरे आरक्षक की इलाज के दौरान मौत, जशपुर में था पदस्थ

Constable who fell from Balaji Hospital building dies during treatment; was posted in Jashpur. Hindi news latest news khabargali

रायपुर (खबरगली)। राजधानी रायपुर के मोवा स्थित बालाजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती एक आरक्षक की अस्पताल की बिल्डिंग से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक आरक्षक की पहचान देव नारायण सिंह के रूप में हुई है, जो जशपुर जिले में पदस्थ थे। वे हृदय संबंधी बीमारी के उपचार के लिए रायपुर आए थे। बताया जा रहा है कि आने वाले दो दिनों में उनका ऑपरेशन प्रस्तावित था। इसी बीच अस्पताल में हुई इस घटना ने परिजनों और पुलिस विभाग को स्तब्ध कर दिया।

 

अस्पताल में उपचार जारी

 

 जानकारी के अनुसार, आरक्षक देव नारायण सिंह हृदय संबंधी परेशानी के चलते मोवा स्थित बालाजी अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था और चिकित्सकों द्वारा उनकी आगे की उपचार प्रक्रिया के तहत ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान 10 सितंबर को वे अस्पताल की पहली मंजिल की ओर गए और वहां से नीचे गिर गए। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

 

अस्पताल के कर्मचारियों और मौजूद लोगों ने घायल आरक्षक को संभाला

 

घटना के तुरंत बाद अस्पताल के कर्मचारियों और मौजूद लोगों ने घायल आरक्षक को संभाला। गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल की मेडिकल टीम ने तत्काल उनका उपचार शुरू किया और उन्हें गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी और उन्हें बचाने के लिए उपचार किया जा रहा था।

 

हालांकि, आरक्षक की हालत गंभीर बनी रही। शुक्रवार को उपचार के दौरान देव नारायण सिंह ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों को जानकारी दी गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है, वहीं पुलिस विभाग में भी इस घटना से दुख व्याप्त है।

 

घटना के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं

 

प्रारंभिक तौर पर घटना को आत्महत्या की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन आरक्षक ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना से पहले अस्पताल में क्या परिस्थितियां बनी थीं और आरक्षक की मानसिक एवं व्यक्तिगत स्थिति कैसी थी।

 

बताया जा रहा है कि उनका दो दिन बाद हृदय संबंधी ऑपरेशन प्रस्तावित था। ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या ऑपरेशन या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को लेकर वे किसी तरह के तनाव में थे या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

 

पुलिस ने शुरू की जांच

 

घटना की सूचना मिलने के बाद पंडरी-मोवा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

 

पुलिस अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और घटना के समय आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरक्षक घटना से पहले कहां थे, उनके साथ उस समय कोई व्यक्ति था या नहीं और किस परिस्थिति में वे बिल्डिंग से नीचे गिरे।

परिजनों और पुलिसकर्मियों से भी जुटाई जा रही जानकारी

जांच के दौरान पुलिस मृतक आरक्षक के परिजनों से भी जानकारी ले रही है। घटना से पहले उनके व्यवहार, बातचीत और किसी तरह की परेशानी से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा अस्पताल में उनके उपचार से जुड़े रिकॉर्ड और भर्ती के दौरान की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है।

 

फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की

वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

 

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