दिग्गज डॉक्टर गुलेरिया और नरेश त्रेहन के टिप्स, 90% लोग अनुलोम-विलोम कर घर पर हो सकते हैं ठीक

Dr guleriya dr naresh khabargali

नई दिल्ली(khabargali)। कोरोना महामारी के बीच राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम हिस्सों में ऑक्सिजन संकट पैदा हो गया है। जरूरतमंदों को समय पर मेडिकल ऑक्सिजन नहीं मिल रहा। कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो डर के मारे और एहतियात की वजह से पहले से ही ऑक्सिजन सिलिंडर की व्यवस्था करने में लगे होंगे कि क्या पता कब जरूरत पड़ जाए। ऐसे में देश के दिग्गज डॉक्टरों ने ऑक्सिजन को लेकर बहुत ही जरूरी सुझाव और टिप्स दिए हैं जो आपके मन में पैदा हुए डर को खत्म कर देंगे।

ऐसे बढ़ाए ऑक्सिजन लेवल

ऑक्सिजन लेवल घट रहा हो तो अनुलोम-विलोम, प्राणायाम करें, फायदा होगा। यह हम नहीं, दिग्गज डॉक्टर कह रहे हैं। एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन, एम्स में मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉक्टर नवनीत विग और भारत में हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर सुनील कुमार ने रविवार को कोरोना संक्रमण, इलाज, ऑक्सिजन की जरूरत पर विस्तार से समझाया। अगर कोरोना पॉजिटिव हो गए तो क्या करना चाहिए। ऑक्सिजन लेवल कैसे बढ़ा सकते हैं। यह भी बताया कि कब मरीज को मेडिकल ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती है और कैसे तनाव को कम किया जाए।

90% लोग घर पर ही हो सकते हैं ठीक

ऑक्सिजन, रेमडेसिविर की होड़- देश के दिग्गज डॉक्टरों ने बताई असली बात, कहा- किसे इसकी जरूरत, किसे होगा नुकसान योग से ऑक्सिजन लेवल सही रहने और फेफड़े मजबूत होने की बातें तो खूब होती आई हैं। योगगुरु और योगा टीचर यह कहते आए हैं लेकिन अब डॉक्टर नरेश त्रेहन जैसे दिग्गज ने भी इस पर मुहर लगाई है। डॉक्टर त्रेहन ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आते ही लोकल डॉक्टर से संपर्क करें। इससे 90% से ज्यादा लोग घर पर ही ठीक हो जाएंगे। अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मरीजों को बहुत फायदा होता है क्योंकि लंबी सांस लेकर रोकने से फेफड़े में ऑक्सिजन की ज्यादा मात्रा पहुंचती है। इससे फेफड़ा मजबूत होता है।

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने ऑक्सिजन के भ्रम को किया दूर 

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बताया कि गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज से फायदा मिलेगा। उन्होंने ऑक्सिजन को लेकर भ्रम को भी दूर किया। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, '...कई लोग यह समझते हैं कि कल मेरी ऑक्सिजन सेचुरेशन 98 थी और आज 97 हो गई, इसका मतलब है कि ऑक्सिजन लेवल घटने लगा है। इसलिए, ऑक्सिजन लगाने की नौबत आ गई है। आपको समझना चाहिए कि अगर आपकी ऑक्सिजन सेचुरेशन 94, 95, 97 है तो ऑक्सजिन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपको लगे कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सीने में इन्फेक्शन है तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। पेट के बल लेटेंगे तो भी आपकी सेचुरेशन बढ़ जाएगी।'

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