रायपुर नगर निगम जोन 4 की बैठक में भारी हंगामा: अधिकारियों के गोल-गोल जवाब पर भड़के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी!

A massive uproar erupted during the Raipur Municipal Corporation Zone 4 meeting: Leader of the Opposition Akash Tiwari was enraged by officials' vague answers. Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) राजधानी रायपुर के नगर निगम क्षेत्र में प्रशासनिक सुस्ती और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 4 में महापौर द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अधिकारियों के लचर रवैये को देखकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी बुरी तरह भड़क गए। अधिकारियों द्वारा दी जा रही भ्रामक जानकारियों और जनसमस्याओं पर गोल-गोल जवाब से नाराज नेता प्रतिपक्ष ने अधिकारियों को एसी कमरों से निकलकर 'धरातल की स्थिति' देखने की सख्त हिदायत दे डाली।

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और जोन में समन्वय का भारी अभाव

बैठक की शुरुआत ही तनावपूर्ण माहौल में हुई। महापौर द्वारा आयोजित इस बैठक में जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाले सभी वार्डों के पार्षद, जोन अध्यक्ष, जोन कमिश्नर और नगर निगम के आला अधिकारी मौजूद थे। बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुलने लगी।

A massive uproar erupted during the Raipur Municipal Corporation Zone 4 meeting: Leader of the Opposition Akash Tiwari was enraged by officials' vague answers. Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

जोन अध्यक्ष और कमिश्नर में तकरार

जोन अध्यक्ष और जोन कमिश्नर के बीच बिल्कुल भी तालमेल नजर नहीं आ रहा था। दोनों के बीच समन्वय की कमी साफ झलक रही थी।

पार्षदों की शिकायतों का अंबार

विभिन्न वार्डों से आए पार्षदों ने आरोप लगाया कि जोन स्तर के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को लगातार अनसुना कर रहे हैं और विकास कार्यों की फाइलों को दबाकर बैठे हैं।

जलभराव का मुद्दा उठाते ही गरम हुआ माहौल

असली हंगामा तब शुरू हुआ जब नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने अपने वार्ड में मानसून के दौरान होने वाली गंभीर जलभराव (Waterlogging) की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों से जल निकासी की व्यवस्था और अब तक किए गए मेंटेनेंस कार्यों का हिसाब मांगा।

गलत आंकड़ों का खेल

जब नेता प्रतिपक्ष ने जमीनी समस्याओं पर सवाल किए, तो अधिकारियों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की और कागजी आंकड़ों का पुलिंदा थमा दिया। अधिकारियों के पास धरातल पर हुए काम का कोई ठोस जवाब नहीं था। अधिकारियों का यह टालमटोल वाला रवैया देखकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने बैठक में ही अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कहा कि "कागजी आंकड़ों से जलभराव की समस्या हल नहीं होगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की तकलीफों को देखें, तब जाकर सच्चाई का पता चलेगा।"

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