सोशल मीडिया पर महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं! राज्य महिला आयोग सख्त, SP को दिए सख्त निर्देश

Those who taunt women on social media will not be spared! State Women's Commission Chairperson Dr. Mamta Sahu is strict, issuing strict instructions to the Superintendent of Police SP,  Raipur, Balodabazar, Khabargali.

रायपुर/बलौदाबाजार (खबरगली ) सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अभद्र कंटेंट और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इंटरनेट की आभासी दुनिया में महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने दो प्रमुख जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को सीधे कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा के विरुद्ध आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और भ्रामक/अश्लील टिप्पणियां प्रसारित किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने इसका स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लिया। इंटरनेट पर महिलाओं को निशाना बनाने और उनकी छवि धूमिल करने की इस कोशिश को आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है।

बलौदाबाजार और बिलासपुर SP को मिले कड़े निर्देश

डॉ. ममता साहू ने पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से फोन पर सीधी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:

गंभीरता से जांच: मामले की निष्पक्ष और गहराई से साइबर जांच की जाए।

त्वरित कार्रवाई: पहचान में आए दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।

कड़ी धाराएं: दोषियों के खिलाफ IT Act (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।


"महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं" — डॉ. ममता साहू

"इंटरनेट का इस्तेमाल किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं किया जा सकता। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। डिजिटल स्पेस में भी महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" — डॉ. ममता साहू (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग)


साइबर बुलिंग और ट्रॉलिंग पर लगेगी लगाम

राज्य महिला आयोग के इस सख्त कदम से सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधियों और ट्रोल्स में खौफ का माहौल है। जानकारों का मानना है कि आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत होने वाली यह त्वरित कार्रवाई एक मिसाल बनेगी, जिससे भविष्य में कोई भी सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र सामग्री डालने से पहले सौ बार सोचेगा।

इस प्रकार के मामलों पर अंकुश लगाने और पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए निम्नलिखित कदम व शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध हैं:

🚨 त्वरित शिकायत निवारण तंत्र आयोग में सीधे शिकायत: पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत लिखित रूप में या आयोग के आधिकारिक पते (शास्त्री चौक, रायपुर) पर दर्ज करा सकती हैं।

आधिकारिक संपर्क: आपातकालीन सहायता या परामर्श के लिए आयोग के दूरभाष नंबर +91-771-4267996 या 4023996 पर संपर्क किया जा सकता है। 

राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो या वीडियो के प्रसार की शिकायत तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर दर्ज करें।

स्थानीय पुलिस व साइबर सेल: पीड़ित महिलाएं अपने नजदीकी थाने की महिला सेल या साइबर क्राइम यूनिट में 'आईटी एक्ट' की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करा सकती हैं।

📌 आयोग की प्राथमिकताएं त्वरित न्याय:

लंबित और नए मामलों का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण। पारदर्शिता: आयोग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ बनाना। सशक्तिकरण व सुरक्षा: डिजिटल और वास्तविक दोनों मंचों पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना।

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