ब्रेस्ट कैंसर की दवा होगी और भी असरदार: डॉ. निधि साजू का 'हाइड्रोक्सैमिक एसिड' पर शोध बना दुनिया के लिए मिसाल

Breast cancer treatment to become even more effective; Dr. Nidhi Saju's research on hydroxamic acid sets a global example; a major achievement for this daughter of Raipur in the fight against cancer; researcher Nidhi develops powerful medicinal compounds; awarded doctorate; research focuses on the anti-cancer activity of N-aryl-substituted hydroxamic acids; Chhattisgarh, Khabargali

कैंसर के खिलाफ जंग में रायपुर की बेटी की बड़ी कामयाबी: शोधकर्ता निधि ने तैयार किए शक्तिशाली औषधीय यौगिक, डॉक्टरेट से सम्मानित

रायपुर (खबरगली) कैंसर जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में छत्तीसगढ़ की बेटी डॉ. निधि साजू ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शोधकर्ता निधि साजू को उनके शोध कार्य "एन-एरिलसब्स्टिट्यूटेड हाइड्रोक्सैमिक एसिड्स की कैंसर रोधी गतिविधि" (Anti-cancer activity of N-arylsubstituted hydroxamic acids) के लिए 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी' (पीएचडी) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। डॉ. निधि का यह शोध दुनिया भर में महिलाओं के लिए जानलेवा बन चुके स्तन कैंसर (Breast Cancer) के उपचार में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

क्या है खास इस शोध में?

निधि का शोध मुख्य रूप से हाइड्रोक्सैमिक एसिड्स पर केंद्रित है। ये ऐसे जैविक यौगिक हैं जो कैंसर से जुड़े विशिष्ट एंजाइमों को रोकने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। शोध के दौरान डॉ. निधि ने एन-फेनिलबेंजोहाइड्रोक्सैमिक एसिड के 10 विशेष व्युत्पन्नों (derivatives) का सफल संश्लेषण किया।

सबसे शक्तिशाली अणु की पहचान

डॉ. निधि के अनुसार, "एन-पी-टोलिल-3-ब्रोमोबेंजोहाइड्रोक्सैमिक एसिड" इस पूरी श्रृंखला में सबसे प्रभावी अणु के रूप में उभरा है। यह भविष्य में ऐसी एंटीनोप्लास्टिक दवाओं के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार (Scaffold) तैयार करेगा, जिनके दुष्प्रभाव यानी साइड इफेक्ट्स काफी कम होंगे।

मरीजों के लिए नई उम्मीद

यह शोध न केवल रासायनिक संरचना और जैविक गतिविधियों के बीच संबंध स्पष्ट करता है, बल्कि फार्मास्यूटिकल वैज्ञानिकों को 'टारगेटेड थेरेपी' (Targeted Therapy) विकसित करने का रोडमैप भी देता है। डॉ. निधि की यह उपलब्धि भारत सहित दुनिया भर के कैंसर रोगियों के लिए कम पीड़ादायक और अधिक प्रभावी इलाज की नई किरण लेकर आई है।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पूरा हुआ शोध

डॉ. निधि ने अपना यह शोध श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) डॉ. राम प्रकाश राजवाड़े के मार्गदर्शन में पूरा किया है। इस शोध में उन्हें शूलिनी विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) के फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार का सह-मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और वर्तमान कार्य

डॉ. निधि साजू, श्री साजू वी. थॉमस (सेवानिवृत्त, बीएसएनएल) और श्रीमती मिनी साजू (ईपीएफ विभाग, रायपुर) की सुपुत्री हैं। अपनी शैक्षणिक योग्यता का लाभ वर्तमान में वह समाज को दे रही हैं। वे अभी एफडीए (FDA) रायपुर, छत्तीसगढ़ में 'एप्लिकेशन केमिस्ट' के रूप में उच्च-स्तरीय उपकरणों (High-end equipment) पर कार्यरत हैं।

मानवता की सेवा ही मुख्य लक्ष्य

अपनी इस सफलता पर डॉ. निधि का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य शोध के माध्यम से मानवता को ठोस और मूर्त लाभ पहुँचाना है। वे भविष्य में भी बड़े जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना चाहती हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।

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