चीन में खाद्य संकट: इसलिए फरमान जारी.. थाली में खाना छोड़ा तो एक लाख रुपए का जुर्माना

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30 साल बाद भारत से चावल खरीदने को हुआ मजबूर

दुनिया के कई देशों के साथ संबंधों में खटास की वजह से खाद्य संकट से गुजर रहा है चीन

बीजिंग (khabargali) कोरोना वायरस और दूसरे देशों की सीमाओं में चीनी सेना की गतिविधियों को लेकर दुनिया के कई देशों के साथ चीन के संबंधों में खटास आ गई है। अमेरिका के खिलाफ ट्रेड वॉर के अलावा चीन भारत के साथ लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनातनी जारी है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान जैसे देश भी चीन को संदेह भरी नजरों से देख रहे हैं। इससे चीन के आयात-निर्यात पर बुरा असर पड़ा है। कोरोना महामारी के दौर में हालात और खराब हो गए है। ऐसे हाल में चीन खाद्य संकट से गुजर रहा है। खाद्य संकट से गुजर रहे चीन में अब खाने की बर्बादी रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ बीजिंग और शंघाई में लोग हर साल इतना खाना छोड़ देते हैं, जिससे तीन से पांच करोड़ लोगों को पूरे साल खाना खिलाया जा सके। हालांकि चीन के राष्ट्रीय हेल्थ कमीशन की स्टडी भी सामने लाई गई है जिसमें चीनी लोगों के तेजी से ओवरवेट होने की बात बताई जा रही है।

30 साल बाद भारत से चावल खरीदने को हुआ मजबूर

चीन के खाद्य संकट को इस बात से समझा जा सकता है कि LAC पर तनाव के बावजूद चीन ने भारत से 1 लाख टन टूटा चावल आयात करने का फैसला किया है। अब जब चीन के सामने खाद्य संकट है तो बीजिंग गुणवत्ता का मुद्दा छोड़कर भारत से आयात करने को तैयार हो गया है। बता दें कि चीन के सामने आए खाद्य संकट की कई वजहें हैं। चीन में दुनिया की कुल 22 फीसदी आबादी रहती है, लेकिन उसके पास दुनिया की कुल कृषि योग्य भूमि का 7 फीसदी ही है।

खाने-पीने के सामान की कीमतों में इजाफा

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जुलाई में चीन की खाद्य मुद्रास्फीति (food inflation) 13.2 फीसदी बढ़ी है. राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (National Bureau of Statistics) ने खुलासा किया है कि चीन में खाने-पीने के सामान की कीमतों में इजाफा हुआ है। सबसे अधिक खपत वाले मांस और पोर्क की कीमतों में 86 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। चीन दुनिया भर से खाद्य उत्पादों के आयात का सहारा ले रहा है। हालत ये हैं कि चीन को लगभग सभी प्रमुख खाद्य पदार्थों का आयात करना पड़ रहा है।

ऑपरेशन एम्प्टी प्लेट शुरू करनी मजबूरी

खाद्य संकट के बीच बहरहाल राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'ऑपरेशन एम्प्टी प्लेट’ शुरू किया है । ताकि लोगों को उतना ही खाने को प्रेरित किया जाए, जितने की उन्हें जरूरत है। चीन की इस नई पॉलिसी के तहत अब वहां खाना बर्बाद करने पर लोगों और रेस्टोरेंट्स पर जुर्माना लगाया जाएगा।

रेस्टोरेंट्स भी जुर्माना लगा सकते हैं

नए नियमों में प्लेट में खाना छोड़ने पर 10 हजार युआन (करीब 1.12 लाख रुपए) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेस्टोरेंट्स को भी यह कानूनी ताकत दी जाएगी कि वे खाना छोड़ने वालों पर जुर्माना लगा सके।

खाने वालों को संख्या के हिसाब से ऑर्डर

नई पॉलिसी के मुताबिक, रेस्टोरेंट में खाना खाने वाला कोई समूह अपने सदस्यों की संख्या से ज्यादा डिश ऑर्डर नहीं कर सकता है। दरअसल चीन सरकार ओवर ईटिंग को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की योजना भी तैयार कर रही है।

राष्ट्रीय हेल्थ कमीशन की स्टडी ये दावा

 चीन के राष्ट्रीय हेल्थ कमीशन की स्टडी में बताया गया कि लोगों के शारीरिक गतिविधियां कम होने को मोटापे की वजह बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन में इस समय 50 करोड़ से ज्यादा लोग ओवरवेट हैं। आंकड़े कहते हैं कि 2002 में वहां मोटापे की दर 7.1% थी। यह 2020 में बढ़कर 16.4% हो गई।

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