कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर के परिवार को मिल रही धमकियां, अभिजीत दिपके बोले- घर के बाहर पहुंचे लोग

The family of the founder of the Cockroach Janata Party is receiving threats, Abhijeet Dipke said – people gathered outside the house. new delhi news khabargali

नई दिल्ली (खबरगली ) सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। दिपके का कहना है कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए हैं और परिवार को डराने की कोशिश की जा रही है।

30 वर्षीय अभिजीत दिपके फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं, जहां वह पब्लिक रिलेशंस की पढाई कर रहे हैं। उनका परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में रहता है। दिपके ने कहा कि जो फैसला उन्होंने लिया, उसकी सजा उनके परिवार को नहीं मिलनी चाहिए।

घर के बाहर पहुंचने की धमकी दी गई

दिपके ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में एक वीडियो मिला, जिसमें एक व्यक्ति खुद को उनके घर के बाहर बताते हुए धमकी देता दिखाई दिया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार के साथ कुछ हो। यह फैसला मैंने लिया है, उन्होंने नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ अपनी राय रखने के कारण इस तरह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।


कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद?

पूरा विवाद 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कुछ लोगों को 'समाज के परजीवी' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों से संबोधित किया था। इस बयान पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान देश के युवाओं के खिलाफ नहीं था, बल्कि फर्जी डिग्री लेकर पेशों में आने वाले लोगों को लेकर था। इसी के बाद अभिजीत दिपके ने व्यंग्य के तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसने कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली।

भारत में ब्लॉक हुआ एक्स अकाउंट

विवाद बढ़ने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की। सरकारी सूत्रों का दावा था कि अकाउंट पर डाला जा रहा कुछ कंटेंट 'भड़काऊ' माना गया और यह युवाओं के बीच तेजी से प्रभाव बना रहा था। हालांकि दिपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से असहमति दर्ज कराना है।