अंबिकापुर(खबरगली) नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद कई तीर्थयात्रियों के लापता होने की खबर सामने आई है। इनमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की रहने वाली डॉ. मीना गुप्ता भी शामिल हैं। डॉ. मीना गुप्ता अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता और नगर निगम के एल्डरमैन करताराम गुप्ता की बेटी हैं। परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद नेपाल में आई त्रासदी
जानकारी के मुताबिक डॉ. मीना गुप्ता करीब 80 सदस्यीय दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। उन्होंने 23 अगस्त को यात्रा पूरी की थी। इसके बाद 25 अगस्त को दल के सदस्य नेपाल-तिब्बत सीमा स्थित आव्रजन कार्यालय पहुंचे थे।
इसी दौरान क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में तीन मंजिला इमारत आ गई और वह धराशायी हो गई। घटना के बाद डॉ. मीना गुप्ता समेत दल के करीब 80 लोगों से संपर्क टूट गया। डॉ. मीना गुप्ता वर्तमान में इंग्लैंड के टोरकी में रहती हैं और वहां चर्म रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार वह 14 अगस्त को इंग्लैंड से दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद एक आध्यात्मिक गुरु के नेतृत्व में करीब 80 लोगों का दल दिल्ली से काठमांडू रवाना हुआ था।
डॉ. मीना के पिता करताराम गुप्ता इन दिनों दिल्ली में हैं। परिवार के अनुसार, बेटी से संपर्क नहीं होने के कारण सभी बेहद चिंतित हैं। बताया गया है कि डॉ. मीना ने अपने पिता को भी कैलाश मानसरोवर यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे यात्रा पर नहीं जा सके।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार भी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े कई भारतीय तीर्थयात्रियों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
अंबिकापुर में परिजन कर रहे सुरक्षित वापसी की उम्मीद
डॉ. मीना गुप्ता के लापता होने की खबर के बाद अंबिकापुर में उनके परिवार और परिचितों में चिंता का माहौल है। परिजन उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव एजेंसियों की ओर से लापता लोगों की तलाश जारी है।
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