रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपने जन-आंदोलन को अब शहरों के बाद गांवों और वार्डों तक पहुंचाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (CPCC) अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान अब ब्लाक कांग्रेस ग्रामीण बैठकों के जरिए ग्रामीण अंचलों में एक बड़ा जनआंदोलन बनने जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से जनता का बिजली बिल 5 से 7 गुना तक बढ़ गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
क्या है कांग्रेस का पूरा 'विलेज प्लान'?
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को गांव-गांव तक ले जाने के लिए 2 महीने का चरणबद्ध मास्टर प्लान तैयार किया है:
गांव-गांव में ब्लॉक बैठकें
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे भाटापारा के ग्राम कड़ार) में ब्लॉक कांग्रेस की बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।
घर-घर जाकर फॉर्म भरवाना
कांग्रेस कार्यकर्ता गांवों और वार्डों में हर घर पहुंच रहे हैं। वहां उपभोक्ताओं की सहमति से 'स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराना मीटर लगाओ' का विरोध आवेदन पत्र (फॉर्म) भरवाया जा रहा है।
हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign)
बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं।
बिजली दफ्तरों का घेराव
अगले दो महीनों तक गांवों और कस्बों से एकत्र किए गए इन विरोध फॉर्मों और आवेदनों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता जिला और ब्लॉक स्तर के विद्युत विभाग कार्यालयों (CSPDCL) का घेराव करेंगे और उन्हें ये दस्तावेज सौंपेंगे।
अंतिम चरण में बड़ा प्रदर्शन
यदि सरकार मांगें नहीं मानती है, तो दो महीने के इस सघन ग्रामीण व शहरी अभियान के अंत में कांग्रेस राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की तैयारी में है।
कांग्रेस के मुख्य आरोप और मांगें
'महतारी वंदन वसूली मीटर': कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार महिलाओं को दी जा रही महतारी वंदन योजना की राशि को बढ़े हुए बिजली बिलों के माध्यम से वापस वसूल रही है।
बिल हाफ योजना की मांग: कांग्रेस मांग कर रही है कि स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाया जाए, बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए और भूपेश बघेल सरकार के समय की '400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ' योजना को फिर से बहाल किया जाए।
सरप्लस राज्य फिर भी महंगी बिजली
छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस (अधिशेष उत्पादन) राज्य है, इसके बावजूद यहां की जनता को देश में महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?
बिजली विभाग और सरकार का रुख
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) और सत्तापक्ष भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है: बिजली कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सटीक हैं और ये केवल वास्तविक खपत को ही रिकॉर्ड करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुराने मीटरों की खराबी के कारण पहले कम रीडिंग आती थी, जबकि नए मीटर बिल्कुल सही डेटा दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह योजना उपभोक्ताओं को ‘मोर बिजली’ ऐप के जरिए अपनी हर आधे घंटे की खपत की निगरानी करने और बिजली चोरी रोकने में मदद करने के लिए लाई गई है।
- Log in to post comments