रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ में कथित PSC भर्ती घोटाले को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक चयन प्रक्रिया को कथित तौर पर प्रभावित करने, चुनिंदा अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को फायदा मिलने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में सामने आ रही जानकारियां छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बेहद गंभीर हैं।
PSC घोटाले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि छत्तीसगढ़ PSC घोटाला केवल भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य और सरकारी नौकरी की पारदर्शिता से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में यदि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता या पक्षपात के आरोप सामने आते हैं तो इससे युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है।
ईडी की कार्रवाई का भी किया जिक्र
उज्ज्वल दीपक ने कहा कि इसी मामले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन निजी सहायक से जुड़े परिसरों समेत सात स्थानों पर कार्रवाई की है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच में सामने आ रही जानकारियों के बीच कांग्रेस को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उज्ज्वल दीपक ने भूपेश बघेल से पूछे सवाल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कई सवाल पूछते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में PSC की चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर इतनी गंभीर अनियमितताएं कैसे हुईं। “तत्कालीन मुख्यमंत्री को जानकारी थी या नहीं?” उज्ज्वल दीपक ने सवाल किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासन से जुड़े लोगों के नाम जांच के दायरे में क्यों आ रहे हैं? क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री को इस कथित नेटवर्क की जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि जानकारी नहीं थी तो पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में इसकी जवाबदेही कौन लेगा? उन्होंने कहा कि इन सवालों से बचने के बजाय पूर्व मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
“युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला”
उज्ज्वल दीपक ने कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा रोजगार और सरकारी नौकरी में समान अवसर चाहता है। यदि चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर पहले से तय अभ्यर्थियों, रिश्तेदारों या प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर विषय होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज युवाओं के रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और समान अवसर की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
भाजपा ने कांग्रेस से मांगा जवाब
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में सामने आए कथित “नौकरी के खेल” पर जवाब देना चाहिए और जांच एजेंसियों की कार्रवाई एवं जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी छत्तीसगढ़ के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं के लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि उनके भविष्य और परिवार की उम्मीदों से जुड़ी होती है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
PSC भर्ती मामले में आगे की जांच पर नजर
PSC भर्ती से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर अब सभी की नजर है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
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