रायपुर (खबरगली )छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत स्कूल सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार को 30 सितंबर 2026 तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर के 43 हजार से अधिक स्कूल सफाई कर्मचारी 2 अक्टूबर से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
43 हजार से अधिक स्कूल सफाई कर्मचारी होंगे आंदोलन में शामिल
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अंशकालीन सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहे 43,301 कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें अंशकालीन कर्मचारी के बजाय पूर्णकालिक स्कूल सफाई कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और कलेक्टोरेट दर के अनुसार सम्मानजनक मानदेय प्रदान किया जाए।
सितंबर के पहले सप्ताह में रायपुर में होगी प्रदेश स्तरीय बैठक
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में राजधानी रायपुर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संघ का कहना है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
कम मानदेय से घर चलाना मुश्किल
स्कूल सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब डेढ़ दशक से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय मिल रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इतने कम मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
पूर्णकालिक दर्जा और कलेक्टर दर पर मानदेय की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें कलेक्टोरेट दर पर सम्मानजनक वेतन/मानदेय उपलब्ध कराया जाए।
30 सितंबर तक सरकार को अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने शासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 30 सितंबर तक लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। ऐसा नहीं होने पर 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में स्कूल सफाई कर्मचारी काम बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।
2 अक्टूबर से काम ठप करने की चेतावनी
संघ की घोषणा के मुताबिक मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 2 अक्टूबर से सरकारी स्कूलों में कार्यरत सफाई कर्मचारी अपने काम का बहिष्कार करेंगे। इससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
स्कूल सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. अंशकालीन सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
2. कलेक्टोरेट दर पर सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
3. लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द निराकरण किया जाए।
4. बढ़ती महंगाई को देखते हुए मानदेय में उचित बढ़ोतरी की जाए।
स्कूल सफाई कर्मचारियों ने सरकार को 30 सितंबर तक मांगें पूरी करने का समय दिया है। अब सितंबर के प्रथम सप्ताह में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में आंदोलन की अंतिम रणनीति तय की जाएगी। यदि शासन की ओर से मांगों पर फैसला नहीं होता है तो 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है।
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