रायपुर/नागपुर (खबरगली)। छत्तीसगढ़ शासन के दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने नागपुर प्रवास के दौरान दो मूकबधिर विद्यालयों का भ्रमण कर वहां अध्ययनरत बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं, आवासीय व्यवस्थाओं और दैनिक आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को राजस्थान के लाडनूं में आयोजित होने वाले 26वें श्रवण बाधित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
निवासी मूकबधिर विद्यालय, हुडकेश्वर का किया भ्रमण
लोकेश कावड़िया ने नागपुर के हुडकेश्वर स्थित निवासी मूकबधिर विद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष श्री देवराव सोनटके एवं सचिव श्री राहुल सोनटके ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान कावड़िया ने विद्यालय में बच्चों को दी जा रही शिक्षा, आवासीय सुविधाओं और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझते हुए उनके सर्वांगीण विकास के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान के लाडनूं में 17 दिसंबर से 21 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 26वें श्रवण बाधित (मूकबधिर) कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी साझा की। साथ ही, विद्यालय के बच्चों को इस कार्यक्रम में सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल को विकसित कर सकें। इस दौरान संस्था के प्राचार्य श्री राजेश खांडेकर सहित विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।
शासकीय मूकबधिर विद्यालय, सोनगांव में भी व्यवस्थाओं का लिया जायजा
नागपुर प्रवास के दौरान लोकेश कावड़िया ने शासकीय मूकबधिर विद्यालय, सोनगांव का भी भ्रमण किया। यहां विद्यालय की प्रभारी श्रीमती हर्षदा पोफली ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं, आवासीय व्यवस्थाओं और दैनिक जरूरतों की जानकारी ली।
उन्होंने बच्चों को लाडनूं, राजस्थान में 17 से 21 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 26वें श्रवण बाधित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया और इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान संस्था की सचिव श्रीमती वर्षा ठाकरे एवं श्री विनोद दारोकी सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
दिव्यांग बच्चों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर
दोनों विद्यालयों के भ्रमण के दौरान कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी साझा करना श्रवण बाधित बच्चों को नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहायक हो सकते हैं। लोकेश कावड़िया ने बच्चों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता के लिए प्रेरित कर उनके विकास और क्षमता निर्माण की दिशा में प्रोत्साहित किया।
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