अब टोल प्लाजा पर लगे 'तीसरी आँख' से बचना नामुमकिन; 15 मिनट में कटेगा ऑनलाइन चालान
रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों की अब खैर नहीं है। परिवहन विभाग ने Traffic Challan CG के तहत सख्ती बरतते हुए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। अब कार्रवाई केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जुर्माना न भरने वाले वाहन मालिकों को कानूनी शिकंजे में कसने की तैयारी कर ली गई है।
40 हजार वाहन मालिक रडार पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से 31 मार्च के बीच करीब 40,000 ऐसे वाहन मालिकों की पहचान की गई है, जिन्होंने चालान कटने के बावजूद लंबे समय से जुर्माना जमा नहीं किया है। विभाग ने अब इन मामलों को कोर्ट (न्यायालय) भेज दिया है। कोर्ट के माध्यम से नोटिस जारी कर सख्ती से राशि वसूली जा रही है, और लापरवाही बरतने वालों को कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
टोल प्लाजा पर ANPR कैमरों का पहरा
हाईवे पर चलने वाले वाहनों की निगरानी के लिए राज्य के सभी टोल प्लाजा पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं। ये कैमरे पलक झपकते ही ऐसे वाहनों को पकड़ लेते हैं जिनका: PUC (प्रदूषण सर्टिफिकेट) खत्म हो चुका है। फिटनेस या बीमा (Insurance) की अवधि समाप्त है। जैसे ही कोई डिफॉल्टर वाहन कैमरे की जद में आता है, मात्र 15 मिनट के भीतर उसका चालान जनरेट होकर मालिक के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाता है।
मदद के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा
परिवहन विभाग ने पाया कि कई लोग तकनीकी जानकारी के अभाव में ऑनलाइन जुर्माना नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए सभी जिला परिवहन कार्यालयों में हेल्प डेस्क शुरू किए गए हैं। यहाँ तैनात कर्मचारी चालान जमा करने की प्रक्रिया में वाहन स्वामियों की मदद कर रहे हैं।
विभाग की चेतावनी
परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जुर्माना जमा करने में देरी अब भारी पड़ सकती है। यदि आप भी चालान पेंडिंग रखकर बैठे हैं, तो कोर्ट के नोटिस से बचने के लिए तुरंत भुगतान करें।
कैमरों का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा
राज्य में पहले से ही करीब 175 स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। अब Traffic Challan CG को और मजबूत बनाने के लिए अगले तीन महीनों में 320 और स्थानों पर कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे बिना मानव हस्तक्षेप के भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई संभव हो सकेगी और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
सड़क हादसों को रोकने की पहल
सरकार का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष राज्य में सड़क हादसों में 6000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 16 से 17 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा रही है। इन हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना है। इसी को देखते हुए Traffic Challan CG के तहत स्पीड कैमरे और निगरानी सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।
लेजर बेस्ड स्पीड कैमरों की शुरुआत
ANPR के साथ-साथ अब लेजर बेस्ड स्पीड कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। रायपुर के तेलीबंधा, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद जैसे प्रमुख इलाकों में इन कैमरों को इंस्टॉल किया गया है। ये कैमरे करीब 500 मीटर दूर से ही वाहन की स्पीड और नंबर प्लेट रिकॉर्ड कर लेते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर हसौद क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर ही 500 से अधिक ओवरस्पीड के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ओवरस्पीड केस
Traffic Challan CG के डेटा के अनुसार, मंदिर हसौद और नवा रायपुर क्षेत्र में ओवरस्पीड के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। यहां अधिकतम गति सीमा 110-120 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्धारित सीमा 80-100 किमी प्रति घंटा है। वहीं शहर के भीतर जीई रोड पर अधिकतम गति सीमा 70 किमी प्रति घंटा तय की गई है, लेकिन यहां भी कई वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।
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